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| रीवा रेलवे स्टेशन पर 'लिफ्ट' बनी काल कोठरी: 2 घंटे तक अंदर फंसे रहे 9 यात्री, रेलवे की बड़ी लापरवाही आई सामने Aajtak24 News |
रीवा - रीवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इतवारी ट्रेन से उतरे 9 यात्री एक बंद लिफ्ट में फंस गए। मरम्मत के नाम पर बंद पड़ी इस लिफ्ट में कोई चेतावनी बोर्ड न होने के कारण यात्री उसमें सवार हो गए और देखते ही देखते लिफ्ट बीच में ही अटक गई। भीषण गर्मी और घुटन के बीच यात्री करीब 2 घंटे तक अंदर कैद रहे।
सांसद प्रतिनिधि की सूचना पर जागा प्रशासन
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यात्रियों के फंसे होने की जानकारी सबसे पहले सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला को मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तो वहां रेलवे का कोई भी आला अधिकारी मौजूद नहीं था। स्टेशन मास्टर ने फील्ड में होने का बहाना बनाया, जिसके बाद शुक्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। उनकी सक्रियता के बाद स्वास्थ्य अधिकारी यत्नेश त्रिपाठी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
कड़ी मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
रेलवे के तकनीकी अमले ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकलते ही यात्रियों के चेहरे पर मौत का खौफ साफ नजर आ रहा था। मेडिकल टीम ने तत्काल सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया, गनीमत रही कि सभी यात्री सामान्य पाए गए।
प्रबंधन पर गंभीर आरोप: "नहीं लगा था कोई नोटिस"
यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया कि अगर लिफ्ट मरम्मत के कारण बंद थी, तो वहां कोई संकेतक या नोटिस क्यों नहीं लगाया गया? बिना सुरक्षा मानकों के लिफ्ट का खुला रहना यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। घटना के दौरान यात्रियों को पीने का पानी और बिस्कुट उपलब्ध कराए गए।
गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था
रेस्क्यू के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की। 8 यात्रियों को आर्टिगा टैक्सी से मऊगंज जिले के बरॉव भेजा गया, वहीं छत्तीसगढ़ से आई एक महिला यात्री और उसकी बच्ची को सीधी जिले के रामपुर नैकिन के लिए अलग वाहन से रवाना किया गया।
अधिकारियों का पक्ष
सीनियर DCM शशांक गुप्ता ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण यह स्थिति निर्मित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सीनियर अधिकारी सतत संपर्क में रहे और एम्बुलेंस व मेडिकल टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया था। वर्तमान में लिफ्ट को ठीक करने और सुरक्षा जांच के निर्देश दिए गए हैं।
