| गौरेला-पेंड्रा; जनदर्शन में 16 फरियादें: क्या फाइलों से बाहर आ पाएंगी ये समस्याएं या फिर रह जाएंगी सिर्फ कागजों में? Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर आम नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इस दौरान कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर राजस्व मामलों तक की शिकायतें शामिल रहीं। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर निकिता मरकाम और आकांक्षा पाण्डे ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवेदन अग्रेषित किए।
जनदर्शन में आए मामलों में पेयजल व्यवस्था, राजस्व रिकॉर्ड विलोपन, जमीन बंटवारा, पेंशन, फौती नामांतरण और मजदूरी भुगतान न मिलने जैसी गंभीर समस्याएं प्रमुख रहीं। ये मुद्दे सीधे तौर पर आम लोगों के दैनिक जीवन और अधिकारों से जुड़े हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से होता है।
जनदर्शन कार्यक्रम को प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है, जहां लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर हफ्ते जनदर्शन में आवेदन लिए जाते हैं—क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि पिछले आवेदनों में से कितनों का समयसीमा में समाधान हुआ?
- मजदूरी भुगतान और पेंशन जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी क्यों लंबित हैं—क्या यह सिस्टम की विफलता नहीं है?
- आवेदन ‘अग्रेषित’ करने के बाद उनकी मॉनिटरिंग कैसे होती है, और अगर समाधान नहीं होता तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?