बिलासपुर; 150 करोड़ की विकास रूपरेखा पर मुहर” – डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में बिलासपुर के लिए बड़े फैसले Aajtak24 News

बिलासपुर; 150 करोड़ की विकास रूपरेखा पर मुहर” – डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में बिलासपुर के लिए बड़े फैसले Aajtak24 News

बिलासपुर - कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 150 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य-योजना का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक में जिले के विकास, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।

कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक में कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • विधायकगण
  • जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह
  • नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे
  • जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल
  • एसडीएम श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी

सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

150 करोड़ की योजना का बड़ा खाका

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के लिए बजट इस प्रकार तय किया गया—

  • 💧 पेयजल व्यवस्था – ₹5.60 करोड़
  • 🏥 स्वास्थ्य सेवाएं – ₹16 करोड़
  • 🎓 शिक्षा क्षेत्र – ₹31.64 करोड़
  • 👩‍🦰 महिला एवं बाल कल्याण – ₹6 करोड़
  • 🌿 पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण – ₹11 करोड़
  • 👵 वृद्ध एवं दिव्यांगजन कल्याण – ₹10.35 करोड़
  • 🧑‍🏭 कौशल विकास – ₹8 करोड़

इसके अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए भी प्रावधान किया गया।

शहर और गांवों के लिए बड़े प्रोजेक्ट

बैठक में कई महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं को मंजूरी दी गई—

  • प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक सियान सदन
  • दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों के लिए पुलिस विभाग को 3 एम्बुलेंस
  • गोल बाजार से नेहरू चौक तक अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था
  • मल्हार मंदिर परिसर में शेड निर्माण
  • पुलिस ग्राउंड के मुख्य मंच का कायाकल्प
  • मंगला, तिफरा, उस्लापुर, बहतराई में मुक्तिधाम विकास
  • सभी विकासखंडों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र
  • ट्रैफिक नियंत्रण के लिए हाइड्रा वाहन की व्यवस्था

विकास का फोकस: स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि DMF फंड का उपयोग मुख्य रूप से—

  • ग्रामीण और शहरी बुनियादी सुविधाएं
  • स्वास्थ्य और शिक्षा
  • सामाजिक कल्याण
  • पर्यावरण संरक्षण

को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 150 करोड़ की कार्य-योजना में कौन-सी परियोजनाएं प्राथमिकता में रहेंगी और उनके लिए समय-सीमा और मॉनिटरिंग सिस्टम क्या तय किया गया है?
  2. DMF फंड से स्वीकृत योजनाओं की जमीनी प्रगति की निगरानी के लिए क्या कोई स्वतंत्र ऑडिट या सोशल ऑडिट प्रणाली लागू होगी?
  3. कई बार DMF योजनाएं स्वीकृत तो हो जाती हैं, लेकिन क्रियान्वयन धीमा रहता है—इस बार देरी रोकने के लिए कौन सी जवाबदेही व्यवस्था लागू की गई है?

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