रीवा; लौरी गढ़ धान खरीदी केंद्र पर भ्रष्टाचार का साया: 12 लाख के घाटे के बाद भी 'दागी' कर्मचारी पर मेहरबानी Aajtak24 News

रीवा; लौरी गढ़ धान खरीदी केंद्र पर भ्रष्टाचार का साया: 12 लाख के घाटे के बाद भी 'दागी' कर्मचारी पर मेहरबानी Aajtak24 News

रीवा/लौरी गढ़- स्थानीय धान खरीदी केंद्र और सहकारी समिति में अनियमितताओं और आर्थिक हेराफेरी का एक बड़ा मामला गरमाता जा रहा है। ताज़ा वीडियो साक्ष्यों और स्थानीय जांच में सामने आया है कि पिछले वर्ष लाखों रुपये के नुकसान के बावजूद, संदिग्ध कार्यप्रणाली वाले व्यक्तियों को केंद्र में दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे किसानों और आम जनता में भारी रोष है।

12 लाख की 'घटती' फिर भी पद पर बरकरार

मुख्य आरोप राम गणेश द्विवेदी नामक व्यक्ति पर लग रहे हैं। सूत्रों और रिपोर्टर के दावों के मुताबिक, पिछले धान खरीदी सीजन के दौरान लौरी गढ़ केंद्र पर लगभग 12 लाख रुपये की भारी वित्तीय क्षति (घटती) दर्ज की गई थी। नियमतः इतने बड़े वित्तीय घाटे के बाद संबंधित उत्तरदायी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट द्विवेदी को पुनः समिति के कार्यों में प्रभावी भूमिका दे दी गई है।

हितों का टकराव और अवैध दखल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राम गणेश द्विवेदी स्वयं एक विक्रेता हैं, इसके बावजूद वे समिति के आधिकारिक कार्यों में सीधा हस्तक्षेप कर रहे हैं। बिना किसी स्पष्ट आधिकारिक अनुमति के वे बैंक से लेकर भंडार गृह (गोदाम) तक के कार्यों का संचालन कर रहे हैं। यह 'हितों के टकराव' का सीधा मामला है, जो खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

प्रशासनिक चुप्पी और सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी

इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और समिति सेवक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जब मीडिया और ग्रामीणों ने द्विवेदी की उपस्थिति और पिछले घाटे पर सवाल किए, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय चुप्पी साध ली। चौंकाने वाली बात यह है कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ 181 (सीएम हेल्पलाइन) पर शिकायत दर्ज है और मामला स्तर-3 (Level 3) तक पहुँच चुका है, फिर भी अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।

किसानों के हक पर डाका!

वीडियो रिपोर्ट और क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की उदासीनता या कथित मिलीभगत के कारण ही ऐसे संदिग्ध कर्मचारी बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस बार भी किसानों के हक के साथ खिलवाड़ हो सकता है और सरकारी खजाने को चूना लगाया जा सकता है।

मांग:

क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लौरी गढ़ केंद्र के पिछले रिकॉर्ड खंगाले जाएं, 12 लाख के घाटे की निष्पक्ष जांच हो और दोषी कर्मचारियों सहित उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

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