बिलासपुर; अब बारी सबसे आख़िरी कतार तक सरकार की: 118 आदिवासी गांवों में शुरू हुआ ‘जन भागीदारी अभियान Aajtak24 News

बिलासपुर; अब बारी सबसे आख़िरी कतार तक सरकार की: 118 आदिवासी गांवों में शुरू हुआ ‘जन भागीदारी अभियान Aajtak24 News

बिलासपुर - आदिवासी क्षेत्रों में योजनाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने और वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत विशेष जन भागीदारी अभियान की शुरुआत कर दी गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंथन सभाकक्ष में अधिकारियों के ओरियंटेशन कार्यक्रम के साथ अभियान का शुभारंभ किया और इसे केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का अभियान बताया। जिले के आदिवासी बहुल 118 गांवों को इस अभियान के लिए चिन्हित किया गया है, जहां लगभग एक लाख आबादी को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें विशेष पिछड़ी जनजाति के 3674 बैगा और बिरहोर परिवार भी शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि 19 से 25 मई तक चलने वाले इस अभियान में ऐसे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा जो अब तक किसी कारणवश लाभ से वंचित रह गए।

अभियान के दौरान गांव स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों की जांच, उपचार और परामर्श की व्यवस्था होगी। 20 मई को ग्राम संपर्क अभियान के तहत अधिकारी, कर्मयोगी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि गांवों में पहुंचकर सीधे संवाद करेंगे और लोगों को योजनाओं की जानकारी देंगे। 21 से 23 मई तक विशेष जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और मौके पर समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण भी किया जाए ताकि प्रगति की निगरानी की जा सके।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में सबसे गरीब, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई पात्र परिवार योजनाओं से वंचित न रहे। जिन आदिवासी परिवारों को दस्तावेजों की कमी के कारण जाति प्रमाण पत्र बनाने में कठिनाई होती है, उनके लिए वंशवृक्ष तैयार कर ग्राम पंचायत से अनुमोदन कराने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी दिए गए।

खेती और आजीविका को लेकर भी प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। खाद-बीज वितरण, वन एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, कोटा क्षेत्र में मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों को मिनी किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक पात्र किसान के खेत में डबरी निर्माण और जल संरचनाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। बैठक में संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर साल आदिवासी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाते हैं, फिर भी हजारों परिवार अब तक योजनाओं से वंचित क्यों हैं?
  2. अभियान खत्म होने के बाद क्या प्रशासन गांववार सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करेगा कि कितने लोगों को वास्तव में लाभ मिला और कितने अब भी छूट गए?
  3. जाति प्रमाण पत्र के लिए वंशवृक्ष तैयार कराने की व्यवस्था अब की जा रही है, तो पहले दस्तावेजों की कमी के कारण वंचित रहे परिवारों की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?

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