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| 10–12 साल सेवा, फिर अचानक बाहर… CREDA टेक्नीशियनों की नौकरी पर संकट Aajtak24 News |
दंतेवाड़ा - छत्तीसगढ़ क्रेडा क्लस्टर जन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टिकरिया के अनुसार, राज्य के CREDA विभाग में वर्षों से कार्यरत क्लस्टर टेक्नीशियनों को सेवा से हटाए जाने का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। करीब 10 से 12 वर्षों से कार्यरत सैकड़ों टेक्नीशियनों को अचानक सेवा से बाहर कर दिए जाने के बाद पूरे प्रदेश में असंतोष फैल गया है। प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्हें बिना स्पष्ट समाधान के बेरोजगारी की स्थिति में धकेल दिया गया है।
पुनर्नियुक्ति के आश्वासन बनाम वास्तविकता
टेक्नीशियनों का आरोप है कि उन्हें पहले विभागीय स्तर पर यह आश्वासन दिया गया था कि 1 अप्रैल 2026 से उन्हें श्रम अधिनियम और सरकारी नियमों के तहत पुनः नियुक्त किया जाएगा, जिससे वे शासकीय योजनाओं में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। लेकिन कर्मचारियों के अनुसार, वास्तविक स्थिति इसके विपरीत रही और पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
प्रदेशभर में असर, बढ़ता असंतोष
यह समस्या केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में कार्यरत टेक्नीशियन इससे प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारियों ने इस निर्णय को “अचानक और अस्थिर नीति” बताते हुए नाराजगी जताई है।
सरकारी दफ्तरों तक पहुंची शिकायतें
प्रभावित टेक्नीशियनों ने विधायक, कलेक्टर, मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपकर पुनः बहाली की मांग की है। लेकिन अभी तक किसी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं मिलने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सुशासन तिहार में भी उठा मुद्दा
बताया जा रहा है कि सुशासन तिहार के दौरान भी कई प्रभावित कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने पहुंचे, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं होने से असंतोष और बढ़ गया है।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें तत्काल सेवा में बहाल किया जाए और नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब टेक्नीशियन 10–12 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे थे, तो क्या उन्हें हटाने से पहले कोई पारदर्शी मूल्यांकन या वैकल्पिक समायोजन प्रक्रिया अपनाई गई?
- यदि 1 अप्रैल 2026 से पुनर्नियुक्ति का आश्वासन दिया गया था, तो फिर नई भर्ती शुरू करने का निर्णय किन परिस्थितियों में और किस स्तर पर लिया गया?
- क्या सरकार यह स्पष्ट करेगी कि पुराने अनुभवी टेक्नीशियनों को हटाकर नई भर्ती करने से योजनाओं की गुणवत्ता और ग्रामीण सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
