मनगवां नगर पंचायत की शर्मनाक तस्वीर: नलों से टपक रहा 'जहर', गंदा पानी पीने को मजबूर बस्ती के लोग Aajtak24 News

मनगवां नगर पंचायत की शर्मनाक तस्वीर: नलों से टपक रहा 'जहर', गंदा पानी पीने को मजबूर बस्ती के लोग Aajtak24 News

रीवा - जिले की नगर पंचायत मनगवां इन दिनों विकास के दावों की पोल खोल रही है। स्वच्छता के बड़े-बड़े नारों और सरकारी दावों के बीच मनगवां की हकीकत बेहद डरावनी है। यहाँ की जनता न केवल मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनहीनता का शिकार भी हो रही है।

नलों से जहर, नालियों में नरक मनगवां बस्ती के घरों में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बल्कि 'बीमारी' सप्लाई हो रही है। नलों से निकलने वाला दूषित और गंदा पानी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वहीं, नगर की नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं, जिनकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। मच्छरों का प्रकोप और सड़ती गंदगी संक्रामक बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही है।

स्वच्छता मिशन का मजाक दीवारों पर लिखे 'स्वच्छ भारत मिशन' के नारे यहाँ की गंदगी को देखकर बेमानी नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरा संग्रहण वाली गाड़ी महीने में एकाध बार ही दर्शन देती है, जिससे सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही पूरी बस्ती में बेखौफ अतिक्रमण ने राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है।

फरियाद लेकर पहुंचो तो मिलता है 'धक्का' सबसे गंभीर बात यह है कि जब पीड़ित नागरिक अपनी व्यथा लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुँचते हैं, तो वहाँ उनकी समस्या सुनने के बजाय उन्हें दुत्कार कर भगा दिया जाता है। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपनी कुर्सी का रसूख दिखाने में व्यस्त हैं, जबकि जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।

प्रशासनिक मौन पर सवाल आखिर मनगवां की इस दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन किसी बड़ी महामारी या जन-आक्रोश के फूटने का इंतज़ार कर रहा है? स्थानीय निवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। यदि जल्द ही पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो बड़ा जन-आंदोलन तय है।



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