गढ़ में आध्यात्मिक लहर: उपाध्याय परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत कथा और व्रतबंध संस्कार का भव्य आयोजन Aajtak24 News

गढ़ में आध्यात्मिक लहर: उपाध्याय परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत कथा और व्रतबंध संस्कार का भव्य आयोजन Aajtak24 News

रीवा  - संस्कारधानी रीवा के गढ़ क्षेत्र में इन दिनों भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ के प्रतिष्ठित उपाध्याय परिवार द्वारा अपने पूर्वजों के पुण्य आशीर्वाद की स्मृति में "संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ" एवं व्रतबंध (जनेऊ) संस्कार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया है।

वाराणसी के विद्वान करेंगे कथा अमृत वर्षा

उपाध्याय मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ में कथा वाचन के लिए विशेष रूप से धर्म नगरी वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य अतुलकृष्ण शांडिल्य महाराज जी पधारे हैं। उनके मुखारविंद से निकलने वाली सुमधुर वाणी और भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

सात दिनों का भक्तिमय सफर

इस आध्यात्मिक उत्सव की शुरुआत 16 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा और भागवत महात्म्य के साथ हुई। कथा के दौरान प्रतिदिन भगवान के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं का जीवंत वर्णन किया जा रहा है:

  • शुरुआती दिनों में: कपिल अवतार, शिव-सती चरित्र और ध्रुव-प्रह्लाद के अनन्य चरित्र का वर्णन किया गया।

  • मुख्य प्रसंग: श्रीराम अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, माखन चोरी और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।

  • पूर्णाहूति: 22 अप्रैल को सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित के मोक्ष के साथ कथा की पूर्णाहूति होगी।

संस्कार और सेवा का संगम

कथा के साथ-साथ परिवार के बालक चि. रुद्रांश का व्रतबंध (जनेऊ) संस्कार भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया जा रहा है। आयोजन की पूर्णता पर 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को एक विशाल भण्डारा आयोजित किया गया है। दोपहर 1:00 बजे से शुरू होने वाले इस भण्डारे में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं और ब्राह्मणों को ससम्मान भोजन कराया जाएगा।

परिवार की सामूहिक सहभागिता

इस भव्य आयोजन के मुख्य सूत्रधार श्री विनयशंकर उपाध्याय एवं श्रीमती रिचा उपाध्याय हैं। मुख्य श्रोता के रूप में श्रीमती माधुरी उपाध्याय (धर्मपत्नी स्व. श्री श्रीनाथ उपाध्याय) विराजमान हैं। आयोजन को सफल बनाने में श्री त्रिलोकी नाथ, नरेन्द्र नाथ, अमर नाथ और भोलानाथ उपाध्याय का पूरा परिवार जी-जान से जुटा हुआ है। आयोजक परिवार ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि वे इस ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें और भण्डारे में प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की शोभा बढ़ाएं। गढ़ क्षेत्र में इस आयोजन की चर्चा चारों ओर है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुँच रहे हैं।




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