| जुडमनिया मुरली में वित्तीय साक्षरता का शंखनाद: एलडीएम मऊगंज ने ग्रामीणों को सिखाए बैंकिंग सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के गुर Aajtak24 News |
मऊगंज - मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत जुडमनिया मुरली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नीता पटेल के नेतृत्व में एक विशेष 'वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया।
बैंकिंग के तीन स्तंभ: केवाईसी, नॉमिनी और मोबाइल नंबर
विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार मिश्र ने बैंकिंग के महत्व को समझाते हुए तीन प्रमुख बातों पर विशेष ध्यान देने को कहा:
केवाईसी (KYC): उन्होंने बताया कि अक्सर लोग खाता खोलकर लेनदेन तो करते हैं लेकिन केवाईसी अपडेट नहीं कराते, जिससे वे योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाते हैं।
इसलिए समय-समय पर बैंक जाकर केवाईसी चेक कराना अनिवार्य है। नॉमिनी (Nominee): खाते में वारिसदार का नाम दर्ज होना पूरी तरह निशुल्क है।
श्री मिश्र ने कहा कि खाताधारक की मृत्यु के बाद नॉमिनी को पैसा मिलने में कठिनाई न हो, इसके लिए नॉमिनी का फॉर्म अवश्य भरें। मोबाइल लिंकिंग: बैंक से जुड़ी हर जानकारी और पैसे के लेनदेन का मैसेज तुरंत प्राप्त करने के लिए खाते में मोबाइल नंबर दर्ज होना आवश्यक है, ताकि बैंक की लंबी लाइनों से बचा जा सके।
कम निवेश में बड़े लाभ: बीमा और पेंशन योजनाएं
कार्यक्रम में सरकार की सुरक्षा योजनाओं की बिंदुवार जानकारी दी गई:
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा: 18 से 70 वर्ष के लोग मात्र ₹20 सालाना में ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा: 18 से 50 वर्ष के लोगों के लिए ₹436 सालाना में ₹2 लाख का जीवन बीमा (सामान्य मृत्यु पर भी) उपलब्ध है।
अटल पेंशन योजना: इसे 'बुढ़ापे की लाठी' बताते हुए 18 से 40 वर्ष के लोगों को इससे जुड़ने की सलाह दी गई, ताकि 60 वर्ष के बाद नियमित पेंशन मिल सके।
शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर
मेधावी छात्रों के लिए घोषणा की गई कि जिन छात्र-छात्राओं का कक्षा 12वीं में 85% से अधिक परिणाम है और उनके पास आय के साधन सीमित हैं, वे बिना गारंटी के ₹4,50,000 तक का एजुकेशन लोन ले सकते हैं।
साइबर फ्रॉड और सुरक्षा के प्रति चेतावनी
मुख्य अतिथि ज्योत्सना अग्रवाल ने ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क किया।
आभार और उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ. आरती प्रजापति ने अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।