मंत्री कृष्णा गौर ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा; बोलीं- महिलाओं को मजबूत होने से रोकना चाहता है विपक्ष Aajtak24 News

मंत्री कृष्णा गौर ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा; बोलीं- महिलाओं को मजबूत होने से रोकना चाहता है विपक्ष Aajtak24 News

रीवा। मध्य प्रदेश शासन की अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को रीवा प्रवास के दौरान महिला आरक्षण और 'नारी सम्मान बिल' को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। भाजपा कार्यालय 'अटल कुंज' में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की महिला हितैषी नीतियों का बखान किया और बताया कि कैसे विपक्ष महिलाओं के सशक्तिकरण की राह में रोड़ा अटका रहा है।

विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप पत्रकारों से रूबरू होते हुए मंत्री कृष्णा गौर ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि नारी सम्मान जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रस्ताव को विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि 'नारी सम्मान बिल' महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक क्रांतिकारी कदम था, लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते इसे रोक दिया। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जो दल महिलाओं के हित की बात करते हैं, उन्होंने ही सदन में इस जनहितकारी बिल का विरोध कर अपना असली चरित्र उजागर कर दिया है।

क्या थे बिल के मुख्य प्रावधान? मंत्री कृष्णा गौर ने प्रस्तावित 'नारी सम्मान बिल' की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से शक्तिशाली बनाने के व्यापक प्रावधान थे। उन्होंने कहा कि इस बिल का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करना, उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करना था। विपक्ष द्वारा इस बिल को रोकने से उन करोड़ों महिलाओं के सपनों को धक्का लगा है जो बदलाव की उम्मीद लगाए बैठी थीं।

भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। उनके अनुसार, विपक्ष केवल राजनीतिक द्वेष के चलते ऐसे प्रस्तावों का विरोध करता है, जिससे अंततः महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों का ही नुकसान होता है।

संगठनात्मक चर्चा और उपस्थिति प्रेस वार्ता के दौरान केवल नीतिगत विषयों पर ही नहीं, बल्कि आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्थानीय भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनसे मंत्री ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर संवाद किया। पूर्व निर्धारित समय में आंशिक बदलाव के कारण यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दोपहर 1 बजे संपन्न हुई, जिसमें जिले के प्रमुख मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 



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