
मढ़ी स्कूल में 'शिक्षा का बुरा हाल': 53 हजार का डकार गए बजट, कागजों पर मना प्रवेशोत्सव और जमीनी हकीकत बदहाल Aajtak24 News
मऊगंज/नईगढ़ी - शासन की बेहतर शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के दावे जमीनी स्तर पर किस कदर दम तोड़ रहे हैं, इसका जीवंत उदाहरण जनपद शिक्षा केंद्र नईगढ़ी के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मढ़ी (ग्राम पंचायत मुड़िला) में देखने को मिल रहा है। विद्यालय प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सरकारी निर्देशों की अवहेलना के आरोप लगे हैं, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
भ्रष्टाचार और गबन का सनसनीखेज आरोप ग्राम पंचायत मुड़िला के पंच और स्कूल शिक्षा समिति के सदस्य प्रभात चंद्र द्विवेदी ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि टाट-पट्टी, ब्लैक बोर्ड, चाक और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियों के लिए जारी किए गए ₹53,000 की राशि निकाल ली गई है। लेकिन धरातल पर स्कूल में एक भी नया सामान नहीं पहुँचा है। आरोप है कि इस राशि का न तो कोई बिल-वाउचर उपलब्ध है और न ही कोई ऑडिट रिकॉर्ड दिखाया जा रहा है।
सरकारी निर्देशों की सरेआम अवहेलना शासन के निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2026 को सभी स्कूलों में 'प्रवेशोत्सव' धूमधाम से मनाया जाना था, जिसमें बच्चों के लिए विशेष भोजन (मिष्ठान) की व्यवस्था अनिवार्य थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मढ़ी स्कूल में न तो कोई उत्सव हुआ और न ही बच्चों को भोजन दिया गया। विद्यालय में मध्याह्न भोजन का मीनू चार्ट और उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) तक गायब है, जो भारी पारदर्शिता के अभाव को दर्शाता है।
अव्यवस्थाओं का केंद्र बना विद्यालय भवन विद्यालय की भौतिक स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। दिखावे के लिए केवल सामने के हिस्से में पुताई की गई है, जबकि बाउंड्री वॉल और भवन का पिछला हिस्सा अधूरा और उपेक्षित है। स्कूल परिसर और शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा है। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा के इस मंदिर में बिजली की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
समिति को दरकिनार कर 'मनमानी' शिक्षा समिति के सदस्य प्रभात चंद्र द्विवेदी ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कभी भी विद्यालय की बैठकों में नहीं बुलाया जाता। विकास कार्यों और बजट आवंटन की जानकारी उनसे छिपाई जाती है, जो कि पंचायती राज और शिक्षा समिति के नियमों का खुला उल्लंघन है।
जांच की गुहार इस घोटाले और अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मऊगंज, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और बीईओ नईगढ़ी का ध्यान आकर्षित किया है। स्थानीय नागरिकों और समिति सदस्यों ने क्षेत्रीय विधायक से इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी प्रधानाध्यापक सहित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी व आर्थिक दंड की मांग की है।