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| रीवा में पारदर्शी शासन की उम्मीद: अवैध बालू-गिट्टी कारोबार पर नकेल कसने की तैयारी में प्रशासन! Aajtak24 News |
रीवा - विंध्य की धरा रीवा में इन दिनों सुशासन और पारदर्शिता को लेकर नई चर्चाएं जोरों पर हैं। शहर के विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग और सरकारी विभागों में जवाबदेही तय करने की मांग अब जन-जन की आवाज बन रही है। विशेषकर बाईपास क्षेत्र और खनिज संपदा के प्रबंधन को लेकर नागरिकों में एक सकारात्मक जागरूकता देखी जा रही है।
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का संकल्प
रीवा शहर से सटे बाईपास, लोही, गड़रिया और जोरी टोल प्लाजा जैसे क्षेत्रों में बालू और गिट्टी के भंडारण को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सजग नागरिकों का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त चौकसी बढ़ाई जाती है, तो न केवल अवैध भंडारण पर रोक लगेगी, बल्कि शासन के राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि होगी। बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर कार्रवाई और दस्तावेजों की डिजिटल जांच से इस पूरे तंत्र को पारदर्शी बनाया जा सकता है।
विभागीय पारदर्शिता और जनता का भरोसा
कलेक्टर कार्यालय के समीप स्थित खनिज विभाग और पंजीयन कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में उच्च मानकों की अपेक्षा है। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि प्रशासन समय-समय पर आंतरिक ऑडिट और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया अपनाता है, तो इससे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और जनता का तंत्र पर भरोसा और भी मजबूत होगा।
लोकायुक्त और उच्च स्तरीय जांच की सकारात्मक मांग
भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए, क्षेत्र के लोगों ने यह उम्मीद जताई है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त जैसी उच्च स्तरीय एजेंसियां बड़े विभागों की भी समय-समय पर समीक्षा करेंगी। यह मांग केवल आलोचना के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को दोषमुक्त करने के उद्देश्य से की जा रही है। नागरिकों का मानना है कि पंजीयक, उप पंजीयक और खनिज अधिकारियों की संपत्ति की निष्पक्ष जांच एक स्वस्थ प्रशासनिक परंपरा की शुरुआत हो सकती है।
एक बेहतर भविष्य की ओर
रीवा की जनता अब चुप रहने के बजाय व्यवस्था सुधार में सहभागी बन रही है। अवैध बालू और गिट्टी के परिवहन पर नकेल कसने की यह मुहिम अंततः शहर के सुनियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में कितने ठोस और प्रभावी कदम उठाता है।
