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| रीवा–मऊगंज में ‘जंगलराज’ के आरोप: आरटीओ चेकपोस्टों पर अवैध वसूली, शराब माफिया का दबदबा Aajtak24 News |
रीवा/मऊगंज - विंध्य क्षेत्र के रीवा और नवगठित मऊगंज जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इन क्षेत्रों में अराजक तत्वों, दबंगों और शराब माफियाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि हालात ऐसे बन गए हैं कि यहां “कानून का राज” नहीं बल्कि “जंगलराज” जैसी स्थिति दिखाई देने लगी है, जहां आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
चेकपोस्टों पर 24 घंटे उगाही के आरोप
ताजा मामला फरवरी 2026 का बताया जा रहा है। हनुमना, मऊगंज और सोहागी पहाड़ स्थित आरटीओ चेकपोस्टों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन बैरियरों पर 24 घंटे अवैध वसूली का खेल चल रहा है। बताया जा रहा है कि परिवहन और आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से ट्रकों और अन्य वाहनों से जबरन रकम वसूली जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि वे निर्धारित “हिस्सा” देने से इनकार करते हैं, तो उनके साथ विवाद, गाली-गलौज और मारपीट तक की घटनाएं हो जाती हैं। कई चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें अक्सर घंटों रोका जाता है और दबाव बनाकर रकम ली जाती है।
शराब और नशीले पदार्थों का बढ़ता नेटवर्क
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि अवैध शराब और नशीली सिरप की तस्करी भी लगातार बढ़ रही है। गांवों और कस्बों तक इनका नेटवर्क फैल चुका है, जिससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने की चिंता भी जताई जा रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह सब बिना संरक्षण के संभव नहीं है, इसलिए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सत्ता और विपक्ष की चुप्पी को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। प्रदेश के गृह विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं होने पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर मुद्दे पर खुलकर सामने आना चाहिए।
मीडिया में लगातार उठता रहा मुद्दा
स्थानीय समाचार पत्रों और ‘दैनिक आजतक 24’ जैसे माध्यमों द्वारा समय-समय पर इन अवैध गतिविधियों और चेकपोस्टों पर हो रही कथित उगाही के मामलों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता रहा है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस और व्यापक कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बढ़ रहा सामाजिक आक्रोश, बड़ी घटना की आशंका
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करने को मजबूर हो सकती है। जानकारों का मानना है कि लगातार बढ़ते विवाद किसी दिन बड़े हिंसक टकराव का रूप ले सकते हैं। फिलहाल क्षेत्र की जनता प्रशासन से पारदर्शी जांच और कठोर कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है।
