![]() |
| 6 महीने से अंधेरे में डागरडुआ-धर्मपुरहान, जला ट्रांसफार्मर न बदलने से रबी की फसलें हुई खाक Aajtak24 News |
रीवा - तहसील मनगवा के अंतर्गत आने वाले ग्राम डागरडुआ और धर्मपुरहान के किसान पिछले छह महीनों से बिजली विभाग की घोर उदासीनता का दंश झेल रहे हैं। विद्युत वितरण केंद्र कटरा से जुड़े इस क्षेत्र में अगस्त-सितंबर 2025 से ट्रांसफार्मर जलकर खराब पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि आधा साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने इसे बदलने की जहमत नहीं उठाई है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है।
सूख गई मेहनत, आर्थिक तंगी की कगार पर किसान
बिजली की अनुपलब्धता का सबसे घातक असर खेती पर पड़ा है। रबी सीजन के दौरान सिंचाई के मुख्य साधन मोटर पंप बिजली न होने के कारण बंद रहे। परिणामस्वरूप, किसानों की मेहनत से बोई गई फसलें पानी के अभाव में खेतों में ही सूख गईं। पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है और उनके सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
पानी का संकट और विभाग की "बिल वसूली"
जैसे-जैसे गर्मी की तपिश बढ़ रही है, क्षेत्र में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। बिजली न होने से नल-जल योजनाएं और निजी बोरवेल ठप पड़े हैं। वहीं, ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब महीनों से बिजली आपूर्ति बंद है, तो उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल क्यों भेजे जा रहे हैं? ग्रामीणों की मांग है कि खराब ट्रांसफार्मर की अवधि का बिजली बिल तत्काल माफ किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि सुध ले रहे हैं और न ही अधिकारी। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते आए हैं, फिर भी उन्हें इस मूलभूत सुविधा से वंचित रखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से दोटूक शब्दों में मांग की है कि:
तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
बिजली न मिलने की अवधि का बिल शून्य किया जाए।
किसानों को हुए फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे विद्युत कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
