| PPL क्रिकेट सीजन-2 का धमाका: लौरी और मझिगवां के बीच छिड़ी 'जंग', युवाओं के जोश से गूँज उठा बाँस पंचायत का मैदान! Aajtak24 News |
रीवा - खेल सिर्फ जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि यह अनुशासन, एकता और आपसी भाईचारे की वो पाठशाला है जहाँ भविष्य के सितारे तैयार होते हैं। इसका सजीव नजारा बाँस पंचायत में आयोजित PPL क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-2 के भव्य समापन के दौरान देखने को मिला। नवयुवा संगठन समिति पड़ुआ द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट ने क्षेत्र के खेल प्रेमियों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दीं।
मैदान पर दिखा 'लौरी' और 'मझिगवां' का दमखम
सीजन-2 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहाँ लौरी पंचायत और मझिगवां पंचायत की टीमें आमने-सामने थीं। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात के साथ युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन देखते ही बन रहा था। मुख्य अतिथि ने विजेता और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अनुशासन और भाईचारे की मिसाल बना PPL
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से समाज में एकता और सकारात्मकता का संचार होता है। आयोजन में युवाओं का जो अनुशासन दिखा, वह काबिले तारीफ है। PPL क्रिकेट टूर्नामेंट केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त मंच बन गया है।
आयोजन समिति का दिखा जबरदस्त प्रबंधन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में संयोजक श्री मुकेश तिवारी जी और प्रदीप तिवारी जी सहित नवयुवा संगठन समिति के प्रत्येक सदस्य का विशेष योगदान रहा। उनकी कड़ी मेहनत का ही परिणाम था कि हजारों की संख्या में मौजूद खेल प्रेमियों ने बिना किसी व्यवधान के मैच का लुत्फ उठाया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
फाइनल मुकाबले के दौरान बाँस सरपंच श्री कमलेश पटेल, रामसजीवन गौतम, रामविलास शर्मा, रोहित चतुर्वेदी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों और आयोजकों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि क्षेत्र के युवा खेल, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में इसी प्रकार अग्रणी रहकर जिले का नाम रोशन करते रहें।