मऊगंज पुलिस का 'मिशन 2025' सफल: अपराध पर कड़ा प्रहार, नशे के सौदागरों और अपराधियों में खौफ Aajtak24 News

मऊगंज पुलिस का 'मिशन 2025' सफल: अपराध पर कड़ा प्रहार, नशे के सौदागरों और अपराधियों में खौफ Aajtak24 News

मऊगंज - नए जिले के रूप में उभरते मऊगंज के लिए वर्ष 2025 कानून-व्यवस्था के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के नेतृत्व में जिला पुलिस ने इन चुनौतियों को कामयाबी में बदल दिया। संगठित रणनीति और टीमवर्क के दम पर मऊगंज पुलिस ने न केवल अपराधों पर लगाम कसी, बल्कि नशे के कारोबार की कमर तोड़कर रख दी।

नशे के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक'

वर्ष 2025 में मऊगंज पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई रही। 'क्लीन मऊगंज' अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट में 40 बड़े प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 90 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 19.70 लाख रुपये की कोरेक्स सिरप और 5.62 लाख रुपये का गांजा जब्त किया। इस तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 1.40 करोड़ रुपये मूल्य के वाहन (6 बाइक और 13 कारें) जब्त कर माफियाओं के आर्थिक तंत्र पर कड़ा प्रहार किया गया।

अपराधों के ग्राफ में गिरावट

एसपी दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के कारण जिले में लूट, डकैती और महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। अवैध शराब के खिलाफ भी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई, जिसके तहत 335 मामलों में 339 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12.45 लाख रुपये की शराब जब्त की गई।

खाकी का मानवीय चेहरा: 154 बेटियों की घर वापसी

पुलिस की उपलब्धि केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया। टीम ने कड़ी मशक्कत कर देश के अलग-अलग हिस्सों से 154 लापता बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें उनके परिजनों से मिलवाया। यह मऊगंज पुलिस की संवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

भविष्य की रणनीति: साइबर और सुरक्षा पर फोकस

वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही एसपी सोनी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस का अगला लक्ष्य साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और ड्रग्स के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख अपनाना है। तकनीकी रूप से पुलिस को और सक्षम बनाया जा रहा है ताकि अपराधियों को बचने का कोई मौका न मिले।



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