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| MP में कांग्रेस नेता पर लगा ₹1.24 अरब का रिकॉर्ड जुर्माना! अवैध खनन और करोड़ों की रॉयल्टी चोरी का मामला Aajtak24 News |
पन्ना/मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक बड़े अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी के मामले में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत दीक्षित पर कलेक्टर कोर्ट ने रिकॉर्ड तोड़ जुर्माना लगाया है। दीक्षित पर कुल 1 अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार 600 रुपए का भारी भरकम जुर्माना ठोका गया है। कलेक्टर न्यायालय का यह फैसला अवैध उत्खनन के विरुद्ध सरकारी सख्ती को दर्शाता है। कोर्ट ने उपसंचालक खनिज प्रशासन पन्ना को यह राशि कांग्रेस नेता से वसूल कर शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है जुर्माने की मुख्य वजह?
कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित, जो मेसर्स डायमंड स्टोन क्रेशर के प्रोपराइटर हैं, पर आरोप है कि उन्होंने गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में पत्थरों का अवैध खनन किया।
स्वीकृति से अधिक खनन: जांच में यह पाया गया कि दीक्षित ने पत्थरों को निकालने के लिए जितना क्षेत्र स्वीकृत कराया था, उससे कहीं ज्यादा क्षेत्र में खनन किया गया है।
उत्खनन बनाम रॉयल्टी: कलेक्टर कोर्ट के अनुसार, अनावेदक (श्रीकांत दीक्षित) द्वारा मात्र 99 हजार 300 घन मीटर की रॉयल्टी ही जमा कराई गई थी, जबकि वास्तविक उत्खनन 2 लाख 72 हजार 298 घन मीटर क्षेत्र में किया गया था। यह बड़ा अंतर करोड़ों रुपये की रॉयल्टी चोरी को उजागर करता है।
यह निर्णय उपसंचालक खनिज प्रशासन पन्ना एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुन्नौर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर पारित किया गया है।
कोर्ट ने क्यों माना दोषी?
कलेक्टर न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अनावेदक श्रीकांत दीक्षित को पर्याप्त और उचित अवसर प्रदान किए गए, लेकिन उन्होंने लगातार कोर्ट के आदेशों की अवमानना की और मामले को लंबित रखने का हर संभव प्रयास किया। कोर्ट ने इस व्यवहार से यह निष्कर्ष निकाला कि अनावेदक को प्रारंभ से ही ज्ञात था कि अवैध उत्खनन के समर्थन में उनके पास कोई पर्याप्त दस्तावेजी बचाव साक्ष्य मौजूद नहीं है। यह जुर्माना अनावेदक द्वारा की गई अवैध उत्खनन की मात्रा और चोरी की गई रॉयल्टी के आधार पर लगाया गया है। इस मामले की शिकायत पहले पन्ना कलेक्टर से की गई थी, जिसमें बताया गया था कि दीक्षित की कंपनी द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से अधिक खनन कर करोड़ों की रॉयल्टी चोरी की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया था कि दीक्षित का कथित तौर पर पन्ना से लेकर भोपाल तक कोई काम नहीं रुकता। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कलेक्टर कोर्ट ने यह बड़ा एक्शन लिया है।
