अनूपपुर में सरपंच-सचिव ने मिलकर उड़ाए 2.5 लाख: खेल मैदान कागजों में, पैसा जेब में Aajtak24 News

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अनूपपुर - सरकारें गांव-गांव में खेल को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं, लेकिन अनूपपुर जिले की जैतहरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सिंघौरा में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। यहां माध्यमिक विद्यालय परिसर में खेल मैदान बनाने के नाम पर 2 लाख 5 हजार रुपये की राशि कागजों में ही खर्च कर दी गई, जबकि हकीकत में जमीन पर एक ईंट भी नहीं रखी गई। इस घोटाले के पीछे सरपंच, उपसरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत का आरोप है, जिन्होंने सरकारी योजनाओं को खुलेआम 'लूट की दुकान' बना दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जनपद पंचायत जैतहरी की ग्राम पंचायत सिंघौरा में माध्यमिक विद्यालय परिसर में खेल मैदान के समतलीकरण (लेवलिंग) का काम स्वीकृत हुआ था। इस काम के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2 लाख 5 हजार रुपये की राशि आवंटित की गई थी। कागजी कार्यवाही में इस कार्य का प्रस्ताव 18 अगस्त, 2023 को बनाया गया था और काम शुरू करने की तारीख 2 अक्टूबर, 2023 दर्ज की गई थी। लेकिन, ग्रामीणों का आरोप है कि इस काम का जमीनी स्तर पर कोई निशान तक नहीं है। खेल मैदान के लिए एक भी मजदूर काम पर नहीं लगाया गया, न ही कोई मिट्टी खुदाई या समतलीकरण का काम हुआ। इसके बावजूद, पंचायत के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने मिलकर इस पूरी राशि का गबन कर लिया।

'कागजी घोड़े' दौड़ाकर लाखों का गबन

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत एजेंसी द्वारा उपसरपंच, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने बिना काम कराए ही राशि निकालने के लिए कई मस्टर रोल (श्रमिकों की हाजिरी सूची) का इस्तेमाल किया। उदाहरण के लिए, मस्टर रोल क्रमांक 17343 में 10 मजदूरों के नाम पर 14,006 रुपये का भुगतान 8 नवंबर 2023 को दिखा दिया गया। इसी तरह, मस्टर रोल क्रमांक 5506, 17344, 6798, 17342, 15432, 15431, 15430 और 15163 जैसे कई अन्य मस्टर रोल का उपयोग करके भी लाखों रुपये की निकासी की गई। आरोप है कि ये सब सिर्फ कागजी खानापूर्ति थी और मजदूरों के नाम पर निकाली गई पूरी राशि को सभी आरोपियों ने मिलकर आपस में बांट लिया।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को उजागर किया है। सरकार की तमाम सख्ती और नियमों के बावजूद, ये घोटाले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह सार्वजनिक धन के साथ एक बड़ा धोखा है और इससे गांव के विकास पर नकारात्मक असर पड़ा है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या खेल मैदान बनाने के नाम पर हुए इस घोटाले के दोषियों को सजा मिलती है।

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