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| रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 करोड़ की ठगी करने वाला इनामी ठग गिरफ्तार Aajtak24 News |
रीवा - रीवा की अमहिया पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी के तीन मामलों में फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी विजय गुप्ता को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल और उनकी टीम लंबे समय से इस शातिर ठग की तलाश में थी, जो अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये हड़प चुका था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है।
धोखाधड़ी के तीन बड़े मामले
आरोपी विजय गुप्ता के खिलाफ अमहिया थाने में धोखाधड़ी के तीन गंभीर मामले दर्ज थे। इन मामलों का विवरण इस प्रकार है:
एफडी के नाम पर 13 लाख की ठगी: पहला मामला 22 जून 2025 को दर्ज किया गया था। फरियादी ज्ञानेश्वर प्रसाद अहिरवार ने शिकायत की थी कि आरोपी विजय गुप्ता ने उन्हें बैंक में फिक्स डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज का लालच दिया। विश्वास में लेकर ज्ञानेश्वर ने आरोपी को 13 लाख रुपये दिए, जिसे विजय ने हड़प लिया।
CMS व्यापार में पार्टनरशिप का झांसा देकर एक करोड़ हड़पे: दूसरा और सबसे बड़ा मामला अमीन सिंह और उनके बेटे भानू प्रताप सिंह से जुड़ा है। उन्होंने शिकायत की थी कि विजय गुप्ता ने उन्हें अपने CMS व्यापार में 50% मुनाफे के साथ पार्टनर बनाने का वादा किया। इसके बदले में आरोपी ने उनसे एक करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि ली और उन्हें फर्जी जमा रसीद और नकली सर्टिफिकेट थमा दिए। बाद में पता चला कि यह सब एक बड़ी धोखाधड़ी थी।
9.5 लाख की धोखाधड़ी: तीसरे मामले में फरियादी हेमेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी विजय गुप्ता ने उनसे 9,50,000 रुपये उधार लिए थे। पैसे चुकाने के बदले में विजय ने हेमेंद्र को पहले से ही रद्द (कैंसिल) किए गए चेक दिए। इस तरह उसने हेमेंद्र के साथ भी धोखाधड़ी की।
इन सभी मामलों को अंजाम देने के बाद से ही विजय गुप्ता फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस की कड़ी मेहनत लाई रंग
पुलिस टीम ने तकनीकी और पारंपरिक तरीकों से आरोपी का पीछा किया और आखिरकार उसे जबलपुर में दबोच लिया। यह गिरफ्तारी अमहिया पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि आरोपी एक बड़ा ठग था और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कुल राशि एक करोड़ रुपये से अधिक है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवा अग्रवाल, उप निरीक्षक आर.एन. बागरी, आरक्षक विवेक सिंह और आरक्षक दिवाकर तिवारी की भूमिका सराहनीय रही। उनकी मेहनत और लगन से ही इस इनामी आरोपी को पकड़ने में सफलता मिल पाई, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
