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जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का खतरा: सरकार ने दी अगले दो-तीन हफ्ते तक सतर्क रहने की सलाह, IMD का अलर्ट जारी Aajtak24 News |
श्रीनगर/जम्मू-कश्मीर - जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश और बाढ़ की तबाही के बाद भी खतरा टला नहीं है। सरकार और प्रशासन ने लोगों को अगले दो से तीन हफ्तों तक बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। यह चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 28 अगस्त से 1 सितंबर तक के लिए जारी किए गए नारंगी और पीले रंग के अलर्ट के बाद आई है, जो आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका जताता है।
तबाही का मंज़र और अब तक का हाल
पिछले 14 अगस्त से शुरू हुई भारी बारिश ने पूरे जम्मू क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया था। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 110 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,000 लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी है। 50 से अधिक गांवों का संपर्क अभी भी अन्य हिस्सों से कटा हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, गुरुवार को बारिश का दौर थमने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। मौसम में सुधार के बाद झेलम नदी और अन्य जलाशयों में जलस्तर कम होने लगा है, जिससे घाटी में बाढ़ का खतरा कुछ हद तक कम हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में संगम पर झेलम नदी का जलस्तर बाढ़ चेतावनी स्तर से नीचे आ गया है, जबकि श्रीनगर में यह अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन इसमें गिरावट शुरू हो गई है।
सरकार की चिंता और आगामी योजना
कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नदियों और सहायक नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि अगले 10-15 दिन महत्वपूर्ण हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो दिन की बारिश के बाद ही पैदा हुई मुश्किलों पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि "सिर्फ़ दो दिन की बारिश के बाद ही हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अगर चार दिन और बारिश होती रही, तो हमें 2014 जैसी भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि 2014 की बाढ़ के बाद किए गए उपायों की समीक्षा की जा सके और कमियों को दूर किया जा सके।
उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने जम्मू के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए चौथे तवी पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नुकसान बहुत बड़ा है और इसे ठीक होने में समय लगेगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार राहत और पुनर्वास में उनका पूरा सहयोग करेगी। इस बीच, विभिन्न विभागों की निगरानी जारी है और टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर हैं। फिलहाल, लोगों को सरकारी सलाह का पालन करने और आने वाले दिनों में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।