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| रीवा के जन समस्या निवारण शिविर में लापरवाही: अधिकारी गायब, जनता मायूस Aajtak24 News |
रीवा/मध्य प्रदेश - रीवा जिले के गंगेव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इसका मुख्य कारण अधिकारियों की अनुपस्थिति रही, जिसने शिविर की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
102 में से 86 शिकायतों का समाधान
विधायक नरेंद्र प्रजापति ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 86 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष 17 शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजा गया है।
गंभीर आरोप और जांच के आदेश
शिविर में कई गंभीर मामले सामने आए। सबसे ज्यादा आरोप राजस्व विभाग पर लगे, जिसमें मौनी बाबा मंदिर की भूमि नामांतरण में गड़बड़ी का मामला प्रमुख था। इस मामले में तत्कालीन पटवारी सतीश वर्मा पर जांच बैठाई गई है। इसके अलावा, नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ हेमंत त्रिपाठी पर भी गंभीर शिकायत दर्ज हुई। अन्य प्रमुख मुद्दों में स्व-सहायता समूह के आवंटन में अनियमितता, बिजली की लगातार कटौती और किसानों की फसल नुकसान का सर्वे न होने की शिकायतें भी शामिल थीं।
विधायक ने जारी किए नोटिस
शिकायतों का निवारण कर रहे अधिकारियों की गैर-मौजूदगी ने जनता को सबसे ज्यादा निराश किया। शिविर से वन विभाग, खाद्य, स्वास्थ्य, सहकारिता और आजीविका मिशन के अधिकारी गायब थे। विधायक नरेंद्र प्रजापति ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। जनता की आवाज सुनने के लिए आयोजित किया गया यह महत्वपूर्ण अवसर कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रभावित हुआ। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता को उजागर किया है।
