कन्हैया गायन और घर-घर पारंपरिक रीतिरिवाज अनुसार ग्वाल समाज ने मनाया होली मिलन समारोह samaroh Aajtak24 News

 

कन्हैया गायन और घर-घर पारंपरिक रीतिरिवाज अनुसार ग्वाल समाज ने मनाया होली मिलन समारोह samaroh Aajtak24 News

शिवपुरी - प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्वाल समाज की छावनियों लुधावली, घोसीपुरा और ठकुरपुरा के द्वारा पृथक-पृथक रूप से होली मिलन समारोह का आयोजन घर-घर पारंपारिक रीतिरिवाज अनुसार स्थानीय ग्वाल धर्मशाला परिसर में किया गया है। ग्वाल समाज के प्रमुख महाते, चौधरी, दीवान आदि की उपस्थिति में यहां बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए जिन्होंने होली गीत, कन्हैया गायन और फाग उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर समाजजनों के द्वारा होली के गीतों की प्रस्तुति कन्हैया गायन के रूप में की गई। लुधावली में आयोजित होली मिलन समारोह के बारे में जानकारी देते हुए बाबूलाल पड़रया महाते, बृजेश रियार(चौधरी) ने संयुक्त रूप से बताया कि यहां समाजजनों के लिए शीतल पेय पदार्थ के रूप में ठण्डाई की वयव्स्था की गई थी जिसका वितरण समस्त समाजनों महिला-पुरूष आदि में किया गया। इस के साथ ही घोसीपुरा व ठकुरपुरा छावनी में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां समाजनों ने एक-दूसरे को होली के पावन पर्व की बधाईयां दी और गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया। इसके साथ ही समाज के दिवंगत परिजनों को ढांढस भी बंधया गया और रंग गुलाल लगाकर उनके जीवन भी सदैव रंगों से भरा रहे ऐसी शुभकामनाऐं दी गई। यहां शोकाकुल परिवारों के यहां अनराऔ की होली के रूप में यह परंपरा प्रतिवर्ष निभाई जाती है जिसमें समस्त समाज सहित रिश्तेदार भी शामिल होते है। इस दौरान ठकुरपुरा, घोसीपुरा सहित लुधावली से बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरूषजन इस होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इसके  साथ ही झांसी हंसारी से आए समाजसेवी रमेश चौधरी के द्वारा समस्त समाजजनों ने आगामी 2 अप्रैल को ओरछा स्थित धार्मिक स्थल छारद्वारी में सामाजिक बैठक में शामिल होने का आह्वान किया गया है जिसमें दूर-दराज की छावनियों से भी ग्वाल बन्धुजन शामिल होने आ रहे है।


Gwal Samaj celebrated Holi Milan ceremony with Kanhaiya singing and traditional customs in every home.

Shivpuri - Like every year, this year too, Holi Milan celebrations have been organized separately by the cantonments of Gwal Samaj, Ludhavali, Ghosipura and Thakurpura in the local Gwal Dharamshala premises as per the traditional customs of every house. In the presence of Gwal community chief Mahate, Chaudhary, Diwan etc., a large number of people participated here and celebrated Holi songs, Kanhaiya singing and Phag Utsav. On this occasion, Holi songs were presented by the people in the form of Kanhaiya singing. Giving information about the Holi Milan ceremony organized in Ludhawali, Babulal Padraya Mahate, Brijesh Riyar (Chaudhary) jointly told that here arrangements were made for cold drinks in the form of cold drinks for the people, which were distributed among all the people, men and women. Done in etc. Along with this, this program was also organized in Ghosipura and Thakurpura Cantonment where the people congratulated each other on the holy festival of Holi and celebrated the festival of Holi by applying gulal. Along with this, the deceased family members of the society were also consoled and by applying color gulal, best wishes were given that their life should always be filled with colours. Here, this tradition is celebrated every year in the form of Holi of Anarau in the bereaved families in which the entire society including relatives also participate. During this time, a large number of men and women of the society from Ludhavali including Thakurpura, Ghosipura participated in this Holi meeting ceremony. Along with this, social worker Ramesh Choudhary, who came from Jhansi Hansari, has given a call to all the social people to participate in the social meeting at the religious place Chhardwari in Orchha on 2nd April, in which the Gwal Bandhujans from far-flung cantonments are also coming to participate. .

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