महाविद्यालय मण्डलेश्वर में विश्व एड्स दिवस पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। Rajya ki khabar

 


महाविद्यालय मण्डलेश्वर में विश्व एड्स दिवस पर कार्यशाला का आयोजन हुआ।  Rajya ki khabar 

 मण्डलेश्वर - विश्व एड्स दिवस पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिला न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर नरेन्द्र पटेल ने आज एडस दिवस पर विद्यार्थियों को यह बताया कि एच.आई. सकं्रमण से बचाव हेतु जागरूक रहना आवश्यक हैं। हमे यह जानकारी होना चाहिए कि एच.आई.वी. वायरस किस प्रकार फैलता हैं, तो उसका हमे बचाव किस तरह से करना हैं। एच.आई.वी.एडस अधिनयम, 2017 के प्रावधान अंतर्गत किसी भी एड्स के मरीज को किसी संस्थान में कार्य करने से नही रोका जा सकता हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भी उसके साथ समानता का व्यवहार किया जायेगा। यह अधिनियम उक्त व्यक्तियों के साथ भेदभाव निषेध करता हैं। यदि कोई एच.आई.वी. संक्रमित हो गया है, तो उसके साथ अच्छा व्यवहार करेगें, अच्छे से रहेगें, प्रसन्नता से बात करेगें और उसका हौंसला बढायेगें। यदि किसी कारण वश कोई व्यक्ति एच.आई.वी से संक्रमित हो जाता हैं, तो उसको हौसला रखना चाहिए तथा सावधानी बरतना चाहिए। योग के माध्यम से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाये। एच.आई.वी पीडित व्यक्तियों को निःशुल्क चिकित्सा भी प्राप्त होने की जानकारी दी गई और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान किये जाने संबंधी भी जानकारी दी गई। डाॅ. स्वप्निल श्रीवास्त्व, ब्लाॅक मेडीकल आॅफिसर मण्डलेश्वर ने बताया कि एड़स एवं टी.बी. दोनो बीमारियों से बचने के लिए सावधानी ही सुरक्षा का कार्य करती हैं तथा उक्त बीमारियों के संबंध में शिक्षित होना भी जरूरी है। डाॅ. एस.के. मिश्रा, प्राचार्य महाविद्यालय, मण्डलेश्वर द्वारा बताया गया कि 01 दिसम्बर 2022 को विश्व एडस दिवस मनाया जाता हैं। यह गंभीर बीमारी हैं। इसके बचाव एवं उपाय हेतु कार्यक्रम रखा गया हैं, जिसमें एडस काउंसलर द्वारा बताये गये उपाय को अनुसरण करे कि हमारा बचाव हो सके। एड्स काउंसलर मुकेश पटेल ने बताया कि यह एक गंभीर बीमारी होकर एक वायरस हैं। इसकी कोई वैकसीन नही बनी हैं। बचाव ही इसका उपाय हैं। युवा पीढी में भी यह बीमारी तेजी से फैल रही हैं। हम अभी भी पूरी तरह से जागरूक नही हुए हैं। एच.आई.वी से मुख्य रूप से 04 कारणों से व्यक्ति ग्रसित होता हैं- असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित व्यक्ति की सुई के उपयोग करने, संक्रमित ब्लड चढाने एवं संक्रमित माता से जन्में उसके बच्चे को। ब्लड डोनेट करते समय एच.आई.वी की जाॅच होती हैं। शासन एच.आई.वी. से पीड़ित व्यक्तियों की मदद करता हैं। एडस पीडित व्यक्ति के साथ खाने-पीने, रहने, खाॅसने एवं छीकने से नही फैलता हैं। ए.आर.टी. सेंटर की जानकारी दी गई और बताया कि निःशुल्क जाॅच और दवाईयाॅ देते हैं। एड्स गंभीर संक्रमण होकर  स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता हैं, यदि दवा और उचित उपचार न लिया जाए तो रोगी की जान भी जा सकती हैं। एडस का इलाज संभव नही हैं, लेकिन इसके प्रभावों को दवाओं और उपचार के माध्यम से नियत्रिंत किया जाता हैं, इसलिए इसकी जानकारी और बचाव ही इसका उपाय हैं। वीरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को एच.आई.वी. हुआ तो मरीज की इम्युनिटी खत्म होने पर उसे टीबी होने की संभावना हो जाती हैं। इन्फेक्शन से दूसरे व्यक्ति को फैलता है। टी.बी. से पीड़ित व्यक्ति के खाॅसने, छीकने पर दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने पर यह अन्य के शरीर मेे पहुॅच सकता हैं। कार्यक्रम का संचालन अस्सिटेंट प्रोफेसर रानी वर्मा ने किया एवं आभार प्रेरणा माण्डलिक ने माना। जिला न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर नरेन्द्र पटेल के साथ प्राचार्य श्रीकंवरतारा महाविद्यालय मण्डलेश्वर डाॅ एस के मिश्रा, आई.टी.आई प्राचार्य अनिरूद्ध परिहार, बीएमओ. स्वप्निल श्रीवास्तव, एडस काउंसलर मुकेश पटेल, टी.बी. नियत्रंण समिति वीरेेन्द्र शर्मा, अस्पताल से लेब टेक्नीशियन संगीता कटारे, पैरालीगल वालेन्टियर जोजू एम.आर. एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएॅ उपस्थित रहे।

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