आमजन को लाभ प्रदान करने के लिए ही कानून बने हैं - प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव | Amjan ko labh pradan karne ke liye kanoon bane hai

आमजन को लाभ प्रदान करने के लिए ही कानून बने हैं - प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव

सभी लोगो में विधिक साक्षरता होना चाहिए - कलेक्टर श्री जैन

आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत सतगांव में मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

आमजन को लाभ प्रदान करने के लिए ही कानून बने हैं - प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव

शाजापुर (मनोज हांडे) - आमजन को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ प्रदान करने एवं न्याय प्राप्त करने के लिए कानून बने हैं। कानून की जानकारी हर एक व्यक्ति को होना चाहिये। कानूनी जानकारी देने के लिए ही आज का यह मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। यह बात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने शाजापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम नारायण गांव के सतगांव मंडी प्रांगण में संपन्न हुए मेगा विधिक जागरूकता शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में कही। इस अवसर पर शिविर की अध्यक्षता कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने की और कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक श्री पंकज श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती मिशा सिंह, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री अनिल आचार्य भी मौजूद थे। शिविर की शुरूआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर की गई।

      मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में कई ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें कानून की जानकारी नहीं होती है, इस कारण वे सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। लोगों को विधि के प्रति जागरूक करने और ग्रामों को विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले में जागरूकता शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। शिविर का उद्देश्य यह भी है कि लोग अपराध से दूर रहें। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों से मनोवृत्ति जैसे कि काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि के कारण अपराध हो जाते हैं। ऐसे लोगों को भी अपराध से दूर रखने के लिए तथा उनकी उर्जा विकास के लिए लगाने के लिए जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संविधान में सभी लोगों को अधिकार दिये हैं। साथ ही लोगों के कर्त्तव्य भी निर्धारित किये हैं। ग्रामों को विवाद रहित बनाने में सरपंच, पंच एवं ग्रामीण सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सरपंच एवं पंचों से अनुरोध किया कि शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को विधि की सही जानकारी दें, ताकि वे अपराध से दूर रहें। कानून सबके लिए समान है तथा न्याय पाना सबका अधिकार है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होना चाहिये जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण न्याय नहीं पा सका। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला न्यायालय में विधिक सहायता प्राधिकरण है, इसकी मदद से जरूरतमंदों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। लोक अदालत भी आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ाती है। आगामी 11 दिसंबर को मेगा लोक अदालत का आयोजन होना है। इसमें लोग अपने प्रकरणों का निराकरण राजीनामे के साथ करा सकते हैं।

      इस अवसर पर कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने कहा कि सभी लोगों में विधिक साक्षरता होना जरूरी है। विधिक साक्षरता के लिए ही शिविर आयोजित किया गया है। लोगों को कानून की जानकारी होना चाहिये एवं कानून का लाभ भी प्राप्त करना चाहिये। लोगों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए अनेक कानून बने हैं, इसका भी लाभ पीढ़ित व्यक्ति प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सरपंचों, पंचों एवं ग्रामीण जनों से अनुरोध किया कि अपने-अपने ग्रामों को विवाद रहित बनाए। सभी लोग शासकीय संपत्तियों की रक्षा करें। ग्राम सभा की बैठकों में अपने गांव के विकास के लिए योजना बनाएं। महिलाएं भी ग्राम सभा की बैठकों में आकर ग्राम के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही ग्राम के ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें कोरोना वैक्सीन का प्रथम डोज लगा है और द्वितीय डोज ड्यू हो गया है, वे कोरोना से बचने के लिए द्वितीय डोज अवश्य लगाएं। लोग विधि के बारे में जाने और शासन की योजनाओं का लाभ लें, तब ही योजनाओं की सार्थकता सिद्ध होती है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक श्री श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए कहा कि जिले में विधिक जागरूकता शिविरों की श्रृंखला में यह शिविर आयोजित किया गया है। लोगों में विधिक साक्षरता की कमी के कारण वे योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर पाते हैं। आज के शिविर में शासन के अनेक विभागों द्वारा यहां स्टाल लगाए गए हैं, जिन पर जाकर आम व्यक्ति शासन की योजनाओं के बारे में जान सकता है और उसका लाभ उठा सकता है। कानून की जानकारी के आभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे, इसके लिए ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

स्वागत उद्बोधन देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राजेन्द्र देवड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिले में कानून की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए विधिक जागरूकता शिविरों को आयोजन किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को न्याय पाने के लिए विधिक सहायता की आवश्यकता हो, तो वे विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन दे सकते हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता की सुविधा दी जाती है। जिले में 02 अक्टूबर 2021 से 30 अक्टूबर 2021 तक कुल 200 गांवों में विधिक शिविर लगाए गये हैं, जिनमें आम लोगों को कानूनी सलाह दी गई और कानून की सहायता प्राप्त करने के तरीके बताए गए। जिला एवं तहसील स्तर पर मामलों के त्वरित निस्तारण, दुघर्टना बीमा योजना, फसल बीमा योजना, बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि प्रदान करने के आदि की जानकारी दी। सभी ग्राम पंचायतों में आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के संबंध में विधिक सेवा, सहायता गतिविधियों के आयोजन व व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए टीमों का गठन भी किया गया है।

      जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि पंचायती राज के तहत ग्रामों के विकास की योजना ग्राम सभा द्वारा तैयार की जाती है। साथ ही शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन भी पंचायत के माध्यम से होता है। ग्रामीण क्षेत्र के सभी लोग अपने गांव के विकास के लिए एवं शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्राम सभा में जाएं। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं ग्रामीण मिलकर गांव के विकास की योजना बनाएं। ग्राम पंचायत सचिव ग्रामीणों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें।

इस मेगा कैंप में विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने के लिए मत्स्य उद्योग, आपूर्ति, सहकारिता, स्वास्थ्य, जल संसाधन, कृषि, आत्मा, उद्यानिकी, आयुष, पोस्ट ऑफिस, महिला एवं बाल विकास, वन स्टाप सेन्टर, पशु चिकित्सा सेवा, चाईल्ड लाईन, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, सामाजिक न्याय, लीड बैंक-बैंक ऑफ इंडिया, शिक्षा, जिला शहरी विकास परियोजना, जनपद पंचायत आदि के लगभग 35 स्टाल लगाए गए थे।

      इसके स्टॉल पर आम नागरिकों को मौके पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीकरण, सरकार के विभिन्न विभागों की पेंशन योजना सहित विभिन्न योजना व सेवा देने के लिए अधिकारी व कर्मचारी भी बैठें थे। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा कोविड 19 से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कैंप लगाया था, जिसमें द्वितीय डोज के 22 टीके लगाए गए। जिला प्रशासन द्वारा शिविर की गतिविधियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिखाया गया, जिसे 35 ग्राम पंचायतों में देखा गया। इसी क्रम में मेगा शिविर में लाडली लक्ष्मी योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 8 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इसके साथ ही सामाजिक न्याय विभाग की ओर से सतगांव के निवासी श्री संतोष पिता भोलाजी जो शारीरिक रूप से विकलांग थे को बैसाखी तथा उसी गांव के गणपत पिता लक्ष्मण, कलाबाई पति दयाराम को छडी वितरित की गई। कार्यक्रम के अंत में चाईल्ड लाइन की छात्राओं द्वारा लोक अदालत विषय पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई।

इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती शैली कनाश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री टी.एस. बघेल, जिला होमगार्ड कमान्डेड श्री विक्रम सिंह मालवीय, नगरपालिका सीएमओ श्री भूपेन्द्र दीक्षित, महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सुषमा भदौरिया, वन स्टाप सेन्टर प्रभारी कु. नेहा जायसवाल, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एचआर सुमन, बीएमओ दुपाड़ा डॉ. आरसी चक्रवति, उपायुक्त सहकारिता श्री मनोज गुप्ता, उपसंचालक कृषि श्री के.एस. यादव, डीपीसी श्री आरएस शिप्रे सहित अन्य विभागों का अधिकारीगण, पीएलव्ही,  पैनल अधिवक्ता, आशाकार्यकर्ता आंगनवाडी कार्यकर्ता, बैक अधिकारीगण, पुलिस अधिकारीगण, शिक्षकगण, छात्र/छात्राएं एवं आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिकक्ता श्री इन्दर सिंह गामी द्वारा किया गया एवं आभार जनपद पंचायत सीईओ श्री बाबूलाल पंवार ने व्यक्त किया।

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