म.प्र.पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने माचलपुर में स्थापित किया | MP power transmission company ne machalpur main sthapit kiya

म.प्र.पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने माचलपुर में स्थापित किया

जिले में बारहवाँ अति उच्च दाब विघुत उपकेंद्र

रबी सीजन में मिलेगा क्षेत्र के किसानों को फायदा

म.प्र.पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने माचलपुर में स्थापित किया

राजगढ़ - मध्य प्रदेश में ट्रांसमिशन सिस्टम (पारेषण प्रणाली) को मजबूती प्रदान कर किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मंशानुसार ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने माचलपुर में जिले का 12 वां अति उच्चदाब का उपकेन्द्र ऊर्जीकृत कर प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम (पारेषण प्रणाली) को मजबूती दी है, साथ ही राजगढ़ जिले में अति उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र का एक और विकल्प तैयार किया है। जिससे आगामी रबी सीजन में क्षेत्र के किसानों को उचित गुणवत्ता की निर्बाध बिजली अच्छे वोल्टेज स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही खिलचीपुर तथा जीरापुर उपकेंद्र में सुधार के लिए शटडाउन लेने की समस्या का समाधान होने के साथ किसी विपरीत परिस्थिति में इन सबस्टेशनो की आपसी कनेक्टिविटी से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सतत् रखी जा सकेगी। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने जानकारी दी कि कंपनी ने माचलपुर में अति उच्च दाब का एक नया 132 के.व्ही. उपकेंद्र स्थापित किया है। जो मध्यप्रदेश का 402 वां तथा 132 के.व्ही. वोल्टेज स्तर का 304 वां अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र है। 

जिले में कृषि क्षेत्र में विद्युत की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन कंपनी ने इस उपकेंद्र को तेजी से ऊर्जाकृत करने में सफलता प्राप्त की है। इस अति उच्च दाब उपकेंद्र के प्रारंभ हो जाने से क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों में बसे 70 गांव के करीब 23 हजार घरेलू उपभोक्ताओं और सिचाई के लिए किसानों को न केवल सतत विद्युत प्रदाय की जा सकेगी बल्कि उपभोक्ताओं को उचित गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति कम से कम व्यवधान के साथ उपलब्ध होगी। इस उपकेंद्र से 33 के.व्ही. के 4 फीडर निर्गमित किए गये हैं। जो पोलखेड़ा, माचलपुर, पिपलिया कुल्मी तथा भगोरा फीडर के नाम से जाने जाएंगे। जिससे 33 के.व्ही. के 06 उपकेन्द्र जुड़ेंगे। माचलपुर उपकेंद्र में 132 के.व्ही. जीरापुर उपकेन्द्र से 132 के.व्ही. का एक फीडर लाया गया है। 132 के.व्ही. उपकेंद्र माचलपुर प्रारंभ हो जाने से खिलचीपुर और जीरापुर अति उच्च दाब केंद्रों को राहत मिलेगी तथा दोनों के पास अति उच्च दाब की एक अतिरिक्त सप्लाई सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

जिले का बारहवाँ अति उच्च दाब सबस्टेशन

राजगढ़ ब्यावरा जिले में यह बारहवाँ अति उच्च दाब का उपकेंद्र प्रारंभ किया गया है। इसके पहले जिले को 220 के.व्ही. उपकेंद्र राजगढ़ ब्यावरा तथा 132 के.व्ही. के 10 अन्य उपकेन्द्रो से विद्युत आपूर्ति की जाती थी। गत दिवस 50 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर क्षमता के साथ इस उपकेंद्र को ऊर्जीकृत किया गया। कुल परियोजना की अनुमानित लागत 29.86 करोड़ की है।

जून 1983 में पहला अति उच्चदाब का उपकेन्द्र बना था राजगढ़ जिले में

उल्लेखनीय है कि जिले में सर्वप्रथम 132 के.व्ही. उपकेंद्र की स्थापना ब्यावरा में 07.06.1983 को हुई थी। वर्तमान में इस उपकेन्द्र की क्षमता 120 एम.व्ही.ए. की है। इसके अलावा राजगढ ब्यावरा में ही 220 के.व्ही. का उपकेंद्र भी स्थापित है। जिसकी 220 के.व्ही. साइड की क्षमता 320 एम.व्ही.ए. तथा 132 के.व्ही. साइड की क्षमता 60 एम.व्ही.ए. की है। जिसे 8 जुलाई 2009 को चार्ज किया गया था।

इसके अलावा ट्रांसमिशन कंपनी के अन्तर्गत 132 के.व्ही. के 9 अन्य उपकेन्द्र जिले में क्रियाशील है। जिनमें दूसरा सबसे पुराना सब स्टेशन 132 के वी सारंगपुर की क्षमता 133 एमवीए 132 केवी, जीरापुर 60 एमवीए, 132 केवी खिलचीपुर 70 एमवीए, 132 केवी पछोर 80 एमवीए, 132 केवी खुजनेर 50 एमवीए, 132 के वी कुरावर 146 एमबीए, 132 केवी पीलूखेड़ी 50 एमवीए, 132 के वी नरसिंहगढ़ 40 एमवीए तथा 132 के वी सुथालिया 50 एमवीए के क्षमता के साथ स्थापित हैं।

पारेषण क्षमता में हुई उल्लेखनीय बढोत्तरी

132 केवी माचलपुर उपकेन्द्र चालू होने से अब राजगढ़ जिले की ट्रांसफॉरमेशन क्षमता बढ़ कर 1229 एमव्हीए (220 के.व्ही. साइड की क्षमता 320 एमव्हीए तथा 132 के.व्ही. साइड की क्षमता 909 एमव्हीए) हो गई है। जिससे जिले की पारेषण प्रणाली को और मजबूती मिली है।

इस उपकेंद्र का निर्माण मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के लिये मेसर्स बी एस टी इंफ्रा टेक लिमिटेड कोलकाता ने अति उच्च दाब निर्माण संभाग-दो, भोपाल के सुपरविजन में किया है। कार्यपालन अभियंता अति उच्चदाब संभाग-दो भोपाल श्री अतुल नाबर, सहायक अभियंता निर्माण श्री बीके बावेल, सहायक अभियंता सिविल श्री जे एन श्रीवास्तव के साथ परीक्षण संभाग ब्यावरा के कार्यपालन अभियंता इंजी. हितेश वाघमारे ,सहायक अभियंता परीक्षण इंजी लोकेश सिंह चौहान , सहायक अभियंता उपकेंद्र इंजी.यशपाल निन्होरिया, तथा परीक्षण टीम के भगवान सिंह खीची के अलावा अति उच्च दाब निर्माण के कृष्ण कुमार राठौर ,श्याम राव चौकीकर, देवी दयाल ,दिनेश सरवरे ,आरके सिंह तथा देवदत्त पांडे के साथ कांट्रेक्टर श्री गुरुदेव शर्मा, श्री गोपाल शर्मा की टीम ने लगातार मेहनत कर कम से कम समय में लाइन और उपकेंद्र के निर्माण को पूरा करने में सफलता पायी।।

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