तेरापंथ के अधिनायक को, सादर शीश झुकाएं हम | Tera panth ke adhinayak ko sadar shish jhukaye hum

तेरापंथ के अधिनायक को, सादर शीश झुकाएं हम

युगों युगों तक इन चरणों की, शीतल छाया पाएं हम वंदे भगवंत

तेरापंथ के अधिनायक को, सादर शीश झुकाएं हम

रतलाम (यूसुफ अली बोहरा) - जब - जब मानवता हॉस की ओर बढ़ती चली जाती है नैतिक मूल्य अपनी पहचान खोते जाते हैं समाज में पारस्परिक संघर्ष की स्थितियां बनती है तब-- तब कोई न कोई महापुरुष अपने दिव्य पुरुषार्थ और तेजोमय शौर्य से मानव मानव की चेतना को झंकृत कर जन जागरण का कार्य करता है भगवान महावीर हो या गौतम बुद्ध स्वामी विवेकानंद हो या महात्मा गांधी गुरुदेव तुलसी हो या आचार्य महाप्रज्ञ जी समय-समय पर ऐसे अनेक महापुरुषों ने अपने चिंतन के द्वारा समाज का समुचित पथ दर्शन किया है ऐसे ही महापुरुष है आचार्य श्री महाश्रमण जी आप का 13 मई 1962 को राजस्थान के सरदार शहर में जन्मे एवं 5 मई 1974 को दीक्षित हुए आचार्य श्री तुलसी और आचार्य श्री महाप्रज्ञ की परंपरा मैं तेरापंथ धर्म संघ के 11 वे आचार्य श्री महाश्रमण जी अहिंसा यात्रा जो 3 देश 20 राज्य और 50000 किलोमीटर की पदयात्रा जिसके तीन प्रमुख उद्देश्य हैं सद्भावना, नैतिकता का प्रचार प्रसार एवं नशा मुक्ति का अभियान लेकर दिनांक 27 जून 2021 रविवार  हसन पालिया से विहार करके जावरा श्री सरदार नरसिंग कॉलेज चौपाटी पर प्रातः 7:30 बजे पधारेंगे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री अनिल दसेडा, सुभाष टुकड़िया ,  श्री सुनील पोखरना,   श्रीपाल चपरोद , नवीन चपरोद, अजय चपरोद ने कोरोना प्रोटोकॉल  का पालन करते हुए जावरा नगर की  समस्त धर्म प्रेमी बंधुओं आग्रह किया है वंदन नमन और  विहार यात्रा का स्वागत करें।

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