हर महीने की दो तारीख को करवाते है सर्वधर्म की देव कन्याओं का पूजन और भोजन | Har mahine ki 2 tarikh ko karwate hai sarv dharm ki dev kanyao ka poojan or bhojan

हर महीने की दो तारीख को करवाते है सर्वधर्म की देव कन्याओं का पूजन और भोजन

लॉकडाउन में  सेवा करने वालों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया

हर महीने की दो तारीख को करवाते है सर्वधर्म की देव कन्याओं का पूजन और भोजन

धामनोद (मुकेश सोडानी) - नगर के एक निजी होटल व्यापारी की पत्नी विनीता प्रशांत  खंडेलवाल लगातार अपने परिवार के सदस्यों के साथ जन सेवा कार्यो में अग्रणी है विगत कई वर्षों से वह सेवा कार्य कर रही है जानकारी देते हुए  उन्होंने बताया कि उनकी निजी होटल में प्रति माह की दो तारीख को लगातार आठ वर्षों से देव कन्याओं का  पग पूजन कर उन्हें भोजन करवाया जाता है क्रम आज भी जारी है गायत्री परिवार से जुड़ी विनीता प्रशांत खंडेलवाल  उपरांत बालिकाओं को गायत्री मंत्र लेखन की पुस्तिका और अन्य साहित्यिक जानकारी भी देती है अब प्रतिमाह होटल में कन्याएं आती है भोजन के उपरांत वेद मंत्र पढ़ती है यह सब खंडेलवाल के द्वारा निजी खर्चे से किया जाता है।

हर महीने की दो तारीख को करवाते है सर्वधर्म की देव कन्याओं का पूजन और भोजन

लॉकडाउन में सेवादारों का सम्मान

गायत्री शक्तिपीठ से जुड़ी हुई विनीता प्रशांत खंडेलवाल मूल रूप से मनावर की निवासी है लेकिन क्षेत्र में अधिकतम उनका आना जाना लगा रहता है कोविड-19 के बचाव एवं बीमारी ना फैले इसके लिए भी वह सैनीट्राइस मास्क और अन्य जरूरतमंद चीजें वितरित की जाती है साथ-साथ जिन सेवादारों ने लॉकडाउन में अभूतपूर्व सेवा कार्य किए उनका सभी का प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर उन्होंने गायत्री शक्तिपीठ के माध्यम से सम्मान करवाया उपरोक्त कार्य में अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं गायत्री शक्तिपीठ मनावर खलघाट धामनोद इंदौर धरमपुरी की ऐसी हजारों संस्थाओं  की भी प्रमुख भूमिका रही।

सेवा कार्य पर किए गए सम्मान

जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान में वह अपने घर पर इंदौर थी प्रेरणा कार्य तो वह गायत्री परिवार के माध्यम से शुरू से ही करते आए हैं लाकडाउन के दौरान प्रसार सूचनाओं के माध्यम से जब  महाराष्ट्र से आने जाने वाले राहगीरों को परेशान होता देखा दो अपनी निजी होटल में भोजन के लिए व्यवस्था की  नगर के जन सहयोग से हजारों लोगों का भोजन होटल पर बनवाया उन्होंने बताया कि वह दौर ऐसा था जब नगर धामनोद में खुद की होटल होने के बाद भी होटल को बंद कर आम जनता के सहयोग के लिए भोजन बनाने के लिए पूरी व्यवस्था की नगर धामनोद खलघाट के लोगों का भी भरपूर सहयोग रहा सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन भोजन करवाया गया अनुभव साझा करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि कठिन दौर में जो मदद धामनोद खलघाट और आसपास  के लोगों से देखने को मिली वह अविस्मरणीय थी इसी सेवा कार्य पर विगत दिवस कई संस्थाओं के द्वारा  प्रेस क्लब इंदौर खंडेलवाल दिल्ली के द्वारा महिला प्रकोष्ठ इंदौर और ऐसी अनेकों संस्थाओं के द्वारा खंडेलवाल का भी सम्मान किया गया  आज भी वह संकल्पित होकर जन सेवा कार्यों में अपने परिवार के साथ लगी है जितना भी कार्य आज तीन वर्षो से हो रहा है गायत्री मंत्र लेखन में वह पूरा श्रेय अपने पति को और हजारों  गायत्री परिवार के सदस्यों को  देती हैं।

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