गौशाला निर्माण का प्रारम्भिक कार्य चालु किया गया | Goshala nirman ka prarambhik kary chalu kiya gaya

गौशाला निर्माण का प्रारम्भिक कार्य चालु किया गया

धरमपुरी (गौतम केवट) - धार जिले की तहसील धरमपुरी में जिला प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष गौशाला स्वीकृत की गई थी । आज बड़े हर्ष के साथ कहा जा रहा है कि गौशाला निर्माण का प्रारम्भिक कार्य चालु किया गया है । गौशाला के लिए टीला बाबा मंदिर के पास जागीरदार की नगरी बैट सस्थान में स्वीकृत की गई है। जिसमें 100 गायो की क्षमता के आलावा गौमाता की सेवा के लिए हर प्रकार की खान, पान और स्नान(होद) व स्टॉक रूम की व्यवस्था की जाएगी । 

मध्य प्रदेश पर्यटन स्थल जिसमें धार जिले की पर्यटन स्थल की वेबसाइट में श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव बेंट सस्थान धरमपुरी को जगह मिली है । जिसको कलेक्टर साहब आलोक वर्मा ने हमारे नगर के डॉ. प्रशांत विनोद शर्मा जिला मंत्री भा.ज.यु.मो. धार, श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव जागीरदार भक्तों व धरमपुरी,खुजावा के वरिष्ठ सम्मानीय भक्तो द्वारा सम्भव हो पाया है ।

ऋषि दधीचि ने इस संसार को बचाने के लिए अपनी अस्थियों को दान किया था। ऐसे महान ऋषि जिस मंदिर में श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव की पूजा करते थे वे बिल्वामृतेश्वर कहलाए। 

नर्मदा की दो धाराओं के बीच तीन किमी लंबे टापू पर बेंट सस्थान के नाम से पहचाना जाता है। इस बेंट टापू पर 30 हजार वर्गफीट में श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव का विशाल मंदिर है। मंदिर के पास ही महर्षि दधीचि और उनकी पत्नी की समाधि है। टापू के दक्षिण भाग में ही मंदिर में भगवान दत्तात्रेय एवं नर्मदा देवी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। दधीचि ऋषि ने बेंट पर ही विश्व कल्याण के लिए बज्र बनाने अपनी अस्थियों का दान किया था। 

यहां पर पांडव भी अज्ञातवास में रुके थे। तभी से इस जगह का नाम धर्मराज युधिष्ठिर के नाम पर धर्मपुरी रखा गया। यहां पर स्थित बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर रामायण कालीन है। यहां भगवान भोलेनाथ स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। यहां पर प्रत्येक सावन सोमवार को बिल्वामृतेश्वर महादेव के दर्शन पूजन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर की मान्यता महाभारत काल से है ।

धार जिला मध्यप्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है | धार जिले का पर्यटन के दृष्टिकोण से विशेष महत्व है | धार जिले की तहसील धरमपुरी समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा रही है एवं  में कई ऐतिहासिक महत्व के स्थल मौजूद हैं | धरमपुरी नगर अपने आप में अतिप्राचीन होकर यहाँ  महादेव मंदिर, श्रीराम मंदिर, आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं |

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