Corona Update: नये रिसर्च का खुलासा, कोरोना के नये स्ट्रेन से महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा | Naye research ka khulasa corona ke nayr strain se mahilao ko sabse jyada khatra

नये रिसर्च का खुलासा, कोरोना के नये स्ट्रेन से महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा

नये रिसर्च का खुलासा, कोरोना के नये स्ट्रेन से महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा
प्रतीकात्मक तस्वीर

दुनिया भर में कोरोना महामारी के दुबारा तेजी से फैलने की बड़ी वजह ये है कि इस वायरस के कई नये स्ट्रेन आ गये हैं। परेशानी की बात ये है कि वैज्ञानिकों ने इससे बचाव के लिए जो वैक्सीन तैयार की थी, वो इन नये स्ट्रेन पर कितनी कारगर है, ये बताना मुश्किल है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण का खतरा तो बच्चे-बूढ़े सभी को है, लेकिन एक ताजा रिसर्च के मुताबिक इस नये स्ट्रेन से सबसे ज्यादा खतरा महिलाओं को है।

क्या कहती है रिसर्च?

बर्मिंघम विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हुए एक रिसर्च में पाया गया कि कोरोना से उन महिलाओं को अधिक खतरा है जिन्हें PCOS (Polycystic ovary syndrome) की समस्या है। करीब एक लाख महिलाओं पर 6 महीने तक चली इस रिसर्च में पाया गया कि सामान्य महिलाओं की तुलना में PCOS से पीड़ित महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने की संभावना 51 प्रतिशत तक अधिक होती है।

ये महिलाओं के लिए कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक अन्य रिसर्च के मुताबिक डायबीटीज या हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों में भी कोरोना संक्रमण की संभावना 26 प्रतिशत ही होती है, जबकि PCOS से पीड़ित महिलाओं के संक्रमित होने की संभावना 50 प्रतिशत तक है।

क्या होता है पॉलिस्टिक ओवरी सिन्ड्रोम?

यह महिलाओं में होने वाली हार्मोन से जुड़ी समस्या है, जो प्रजनन की उम्र में बहुत सी महिलाओं को होती है। इसमें महिला की ओवरी के अंदर गांठ या सिस्ट बन जाती है। इससे माहवारी और गर्भावस्था में भी परेशानी हो सकती है। इसके लक्षणों में मोटापा बढ़ना, बालों का झड़ना, पीरियड्स का समय पर ना होना, पिंपल्स उभरना आदि शामिल हैं।

पिछले कुछ वर्षों से भारत समेत तमाम देशों में ये समस्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक हर 5 में से एक महिला को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। शिकार हो चुकी है। भारत में यह समस्या बहुत सी महिलाओं में देखने को मिलती है।

और बढ़ाती है समस्या

PCOS से जूझ रही महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इस समस्या की वजह से शरीर में टाइप 2 डायबिटीज, लीवर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी पैदा हो सकती है। इनन सबकी वजह से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।

लेकिन इससे इतना डरने की जरुरत भी नहीं। PCOS और कोरोना के संबंध के बारे में ये एक शुरुआती रिसर्च है, और इस बारे में और ठोस सबूत मिलने बाकी हैं। लेकिन फिर भी बेहतर होगा कि महिलाएं इस रिसर्च को गंभीरता से लें और कोविड से बचे रहने के लिए जरुरी कदम उठाएं।

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