रतलाम जिले में मुंबई रतलाम दिल्ली एक्सप्रेस वे पर 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन | Ratlam jile main mumbai delhi express way pr 1800 hector shetr main viksit hoga mega

रतलाम जिले में मुंबई रतलाम दिल्ली एक्सप्रेस वे पर 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन

परियोजना लागत लगभग 1800 करोड़ रुपया

रतलाम-झाबुआ (संदीपबरबेटा) - रतलाम जिले में मुंबई-रतलाम-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर अट्ठारह सौ हेक्टेयर क्षेत्र में मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन विकसित होगा, भेजा प्रस्ताव। रतलाम से मात्र 5 किलोमीटर दूरी से क्रियान्वित होने वाली उक्त परियोजना के विकास के लिए अट्ठारह सौ करोड रुपए खर्च किए जाएंगे।  इस नवीन निवेश क्षेत्र विकास एवं प्रबंधन योजना से रतलाम का चहुमुंखी विकास होगा। बदलाव की नई तस्वीर सामने आएगी क्षेत्र में, बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा।

    रतलाम शहर विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि परियोजना में 18000 करोड रुपए का निवेश संभावित है इससे लगभग 24000 व्यक्तियों को पूर्णकालिक रोजगार मिल सकेगा। क्षेत्र में 2 हजार 400 वृहद तथा सूक्ष्म इकाईयां स्थापित होंगी जिनके माध्यम से ना केवल औद्योगिक विकास होगा बल्कि कृषि क्षेत्र का भी कायाकल्प हो जाएगा। स्थानीय कृषि उत्पादों पर आधारित  प्रसंस्करण उद्योग बड़ी संख्या में स्थापित होंगे। 4 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया था।

    रतलाम निवेश क्षेत्र में आने वाली अट्ठारह सौ हेक्टेयर भूमि में ग्राम बिबड़ौद के अलावा जामथुन, पलसोड़ी, जुलवानिया, रामपुरिया तथा सरवनीखुर्द गाम्रो की भूमि सम्मीलित है। इसमें 1542 हेक्टेयर शासकीय भूमि तथा निजी भूमि 256 हेक्टेयर है। निजी क्षेत्र की भूमि पीपीपी मोड पर विकसित की जाएगी। रतलाम रेलवे का महत्त्वपूर्ण जंक्शन होने के साथ दिल्ली-मुम्बई, पीथमपुर, इंदौर, अहमदाबाद, सूरत जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से सीधा कनेक्ट है। रतलाम से इंदौर एयरपोर्ट मात्र 140 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा रतलाम से काण्डला-मुम्बई बंदरगाहों की दूरी मात्र 600 किलोमीटर है। यह भी उल्लेखनीय है कि शासन की एयरपोर्ट ऑथरिटी द्वारा रतलाम में एयरपोर्ट स्थापना का प्रस्ताव भी भेजा है। उक्त कारणों से मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन एंड अपैरल द्वारा रतलाम के सर्वांगीण एवं चहुमुंखी विकास की राह प्रशस्त हो जाएगी।

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