शीतलहर की चपेट में ग्वालियर चंबल संभाग | Shitlehar ki chapet main gwalior chambal sambhag

शीतलहर की चपेट में ग्वालियर चंबल संभाग

शीतलहर की चपेट में ग्वालियर चंबल संभाग
File photo

भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) - उत्तर भारत के पहाड़ बर्फबारी से पट गए हैं। वहां से मैदानी इलाकों की तरफ आ रही बर्फीली हवाओं से मध्यप्रदेश ठिठुरने लगा है। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री पर आ चुका है। ग्वालियर-चंबल संभाग शीतलहर की चपेट में आ चुके हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी ठंड के तीखे तेवरों से राहत की उम्मीद भी नहीं दिख रही है। हालांकि 20 दिसबंर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत पहुंचने की संभावना है, लेकिन यह सिस्टम कमजोर है। इस वजह से इसका मौजूदा मौसम के मिजाज पर विशेष प्रभाव पड़ने के आसार कम ही हैं।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत क ड़ाके की सर्दी की चपेट में हैं। हवा का रुख लगातार उत्तरी बना हुआ है। साथ ही हवा की रफ्तार भी 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई है। वर्तमान में प्रदेश और आसपास कोई वैदर सिस्टम भी सक्रिय नहीं है। इस वजह से वातावरण में नमी भी नहीं है। इससे आसमान साफ है और कोहरा भी गायब है। मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहने के कारण ही दिन और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। ठंड के तीखे तेवरों से अभी राहत मिलने की संभावना भी नहीं है।

पश्चिमी विक्षोभ की आवृति कमजोर है

अजय शुक्ला ने बताया कि 20 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में दाखिल होने की संभावना है। आवृति कम होने के कारण इस सिस्टम का मौजूदा मौसम के मिजाज पर असर होने की उम्मीद कम ही है। इस वजह से 24 दिसंबर तक ठंड के तेवर तीखे बने रह सकते हैं। इस दौरान प्रदेश के कुछ और हिस्से भी शीतलहर की चपेट में आ सकते हैं। इस दौरान चने, आलू, हरी सब्जियों की फसल पर पाला पड़ने की भी आशंका बढ़ गई है।

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