भूतों का मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी, पहुंच रहे श्रद्धालु माता मंदिर | Bhuto ka mela pratibandhit hone ke baad bhi pahuch rhe shradhdhalu mata mandir

भूतों का मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी, पहुंच रहे श्रद्धालु माता मंदिर

शासन के नियमों की उड़ रही धज्जियां

भूतों का मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी, पहुंच रहे श्रद्धालु माता मंदिर

जुन्नारदेव (मनेश साहू) - जुन्नारदेव से 40 किलोमीटर दूर नवेगांव के ताल खमरा पर लगने वाला  प्रदेश का भूतो का मेला कोविड-19 के चलते शासन के नियमानुसार इस बार प्रतिबंधित किया गया है।

भूतों का मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी, पहुंच रहे श्रद्धालु माता मंदिर

इसके उपरांत भी श्रद्धालुओं का ताता ताल खमरा पर देखा जा रहा है| तालखमरा पर पहुचाने वाले भक्त कोविड-19  को नहीं मान रहे हैं भक्त गढो को स्नान ओर  पूजा करते देखा जा  रहा  हैं।

भूतों का मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी, पहुंच रहे श्रद्धालु माता मंदिर

 ऐसा माना जाता है कि  तालखमरा  में भूतों का मेला तालाब में स्नान करने से  भूतो से मुक्ति मिल  जाती हैं  तालखमरा में भूतों का मेला है प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस मेले पर मालन माता मंदिर का पूजन अर्चना तालाब में स्नान प्रेम भूत दूर होने की प्रचलित है वहीं इस वर्ष इस मेले को निरस्त किया गया है  बाद भी क्षेत्र गांव गांव से श्रद्धालुओं का आना जाना विधिवत रूप से लगा हुआ है  वहीं शासन के बनाए हुए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है किंतु प्रशासन मौन बैठा हुआ है

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