शासकीय महाविद्यालय में नई राष्ट्रीय शिक्षा निति पर व्याख्यान | Shaskiya mahavidhyalaya main nai rashtriya shiksha niti pr vyakhyan

शासकीय महाविद्यालय में नई राष्ट्रीय शिक्षा निति पर व्याख्यान

गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई

शासकीय महाविद्यालय में नई राष्ट्रीय शिक्षा निति पर व्याख्यान

निवाली (सुनील सोनी) - स्थानीय शासकीय महाविद्यालय में गांधी जयन्ती के अवसर पर नई‘‘राष्ट्रीय शिक्षा निति में मातृभाषा और महात्मा गांधी’’ विषय पर प्रो.ए.एस किराड़े, समाजशास्त्र ने विस्तृत जानकारी के साथ व्याख्यान देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा निति के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए आने वाले समय में हमारे देश में बदलाव होने के संकेत दिए, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक वर्मा नें बताया कि गांधी जी ने पहले भारत भर का भ्रमण किया और देश की वास्तविक स्थिती उस समय जानी उसके बाद उन्होनें खादी वस्त्र धारण किए, उन्होनें अहिंसा का सहारा लेते हुए अनेक आंदोलनों में मुख्य भुमिका निभाई एवं देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाया। गांधी जी के चरित्र में एक जादु था जिसके उस समय हजारों लोग दिवाने थे, गांधी जी आज भी हमारे बीच आत्मीय रूप से मौजुद है। इसके पूर्व महात्मा गांधी के विचारों का पालन करते हुए गांधी जी कि प्रतिमा पर सूती की माला द्वारा माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात प्रो जी.आर मोरे ने राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 पर आंशिक रूप से अपने विचार अभिव्यक्त किये। साथ ही प्रो अशोक चौहान एवं डॉ के तावड़़े ने गांधी जयंती एवं लाल बहादुर जयंती पर अपने विचार व्यक्त किये तथा बताया कि लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देश के जवानों एवं किसानों के लिए दिया गया ‘‘जय जवान-जय किसान’’ का नारा दिया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन प्रो चांदनी गोले ने किया तथा आभार प्रो जी.आर. मोरे ने व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो फूलचन्द किराड़े,डॉ सुल्तान मोरे,डॉ भगतसिंह चौहान, रामाधार पिपलादिया, रामकिशोर, प्रो लखन पटवा, विशाल सूर्यवंशी एवं श्रीमती गीता बाई सोलंकी उपस्थित थे।

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