एक वह कमलनाथ की सरकार थी, एक यह कमल की कमाल की सरकार है | Ek wah kamalnath ki sarkar hai ek yah kamal ki kamal ki sarkar hai

एक वह कमलनाथ की सरकार थी, एक यह कमल की कमाल की सरकार है

एक वह कमलनाथ की सरकार थी, एक यह कमल की कमाल की सरकार है

बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - दरियापुर में आयोजित भाजपा की आमसभा में कमलनाथ की सरकार पर बरसे सिंधिया

गुलशन को रौंद डाला जिसने अपने हाथों से वही दावा कर रहे हैं इस चमन की रहनुमाई का

जनता से किए झूठे वादे, जहां भी झूठे वादों की सरकार होगी सिंधिया परिवार का यह मुखिया करेगा विरोध।

सभा सुनने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में पहुंचे लोग

एक वह कमलनाथ की सरकार थी, एक यह कमल की कमाल की सरकार है

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से शायरी की, लोगों ने बजाई तालियां यह उप चुनाव तय करेगा आपका विकास, आपकी प्रगति, आपका भविष्य और मप्र का भविष्य। एक वह कमलनाथ की सरकार थी जिसने झूठे वादे किए तो वहीं दूसरी यह कमल की सरकार है जिसने प्रदेश का विकास ही विकास किया। जहां जहां भी झूठे वादों की सरकार होगी सिंधिया परिवार का यह मुखिया वहां से उसे उखाड फेकेंगे।

एक वह कमलनाथ की सरकार थी, एक यह कमल की कमाल की सरकार है

यह बात रविवार सुबह ग्राम दरियापुर में आयोजित भाजपा की सभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया गद्दार हैं मैं उनको कहना चाहता हूं कि पत्तियां झड गई हमसे गुलशन को सींचने में, वह इल्जाम लगा रहे हैं पर बेवफाई का। गुलशन को रौंद डाला जिसने अपने हाथों से वही दावा कर रहे हैं इस चमन की रहनुमाई का। सिंधिया ने कहा शादी होती है तो क्या घर वालों से दुल्हे की मुलाकात नहीं होती क्या। लोगों ने कहा होती है। तब सिंधिया ने कहा क्या मप्र का नया दुल्हा एक बार भी बुरहानपुर, नेपानगर या दरियापुर आया। लोग बोले नहीं आया। इस पर उन्होंने कहा कि जिस दूल्हे ने अपना चेहरा 15 महीने नहीं दिखाया। आज अगर वोट के लिए आएगा तो क्या करोगे।

*सिंधिया परिवार का बुरहानपुर जिले से पारिवारिक रिश्ता*

सिंधिया ने कहा सिंधिया परिवार का बुरहानपुर जिले से राजनीतिक रिश्ता नहीं पारिवारिक रिश्ता है। यहां मराठा समाज का अखंड भाग महाराष्ट्र से जुडा है। एक एक व्यक्ति ने यहां त्याग तपस्या कर इस जमीन को सींचा है। नेपानगर में चुनाव होने जा रहे हैं यह मत समझना कि यह उपचुनाव है। यह उपचुनाव नहीं सत्य, प्रगति और आपके भविष्य का चुनाव है।

*मप्र में विकास की लकीर खींचने की बनाई थी सोच*

सिंधिया ने कहा 2018 में मेरे मन में एक सोच और विचारधारा थी कि मप्र विकास और प्रगति करेगा। मेरे मन में भी एक अलख थी कि कांग्रेस के झंडे के साथ काम करूंगा। यह सोचा था मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जनसेवा कर मप्र में जो विकास की लंबी लकीर खींची थी उससे ज्यादा लंबी लकीर हम खींचकर बताएंगे। आपसे सुमित्रा कास्डेकर ने आशीर्वाद मांगा था। कुर्सी के लिए नहीं, स्वयं के लिए नहीं बल्कि जनसेवा के लिए, लेकिन 15 महीने की सरकार ने लकीर तो खींची, लेकिन वह लकीर अपना जेब भरने और भ्रष्टाचार की लकीर थी। मप्र में क्या राज देखा हमने। 15 महीने में आप लोग गवाह हो। कमलनाथ जी बडे ओहदों पर भी रहे। मैं नेता नहीं आपके परिवार का सदस्य हूं। जनता को जमीन पर पट्टा चाहिए। मैं कमलनाथ नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया हूं। इसी माटी का हूं कमलनाथजी किस माटी के हैं। 40 साल की राजनीति में जो आदिवासियों और दलित समाज का दर्द न समझ पाए वह मप्र का क्या भला करेगा।

*एक छोटे से ट्रांसफर के लिए भी वल्लभ भव में लगती थी बोली*

सिंधिया ने कहा कि मप्र में 15 महीनों में कोई बीमार हुआ हो तो कहां से इलाज कराता होगा समझा जा सकता है। एक मामूली ट्रांसफर के लिए वल्लभ भवन में बोली लगती थी 10 लाख, 20 लाख, 30 लाख। कलेक्टर, एसपी, एसडीओपी तक के ट्रांसफर होते थे। एक एसपी का ट्रांसफर एक हफ्ते में चार बार होता था। सुमित्रा कास्डेकर पूर्व सीएम कमलनाथ के पास जाती थी उनके काम नहीं होते थे।

*झूठे वादों की सरकार साबित हुई मप्र की कमलनाथ सरकार*

सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ ने 10 दिन के अंदर कर्ज माफ करने की बात कही थी। मैंने 10 दिन इंतजार किया जो किसानों के साथ वादा खिलाफी करेगा उस सरकार को उखाडने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया करेगा। 15 महीने में कर्ज माफ नहीं किया। पांच माह में शिवराजसिंह ने पूरे मप्र सरकार में 5 लाख मिट्रिक टन गेहूं की खरीदी की। चना फसल की खरीदी की अवधि की एक माह बढवाई। हर किसान को लाभ मिला। बिजली के बिल को समाधान योजना में डाला गया। कमलनाथ ने फसल बीमा योजना को लॉक किया था वहीं शिवराजसिंह ने किसानों को साढे सात हजार करोड रूपए भिजवाए। पीएम ने किसान सम्मान निधि की योजना की। 94 हजार करोड किसानों के खाते में पैसे गए। 4 हजार रूपए मप्र ने देने का निर्णय लिया। 10 हजार प्रत्येक किसान के खाते में हर साल पहुंचेंगे। वह कमल की सरकार थी और यह कमल की कमाल की सरकार है। उन्होंने कहा कमलनाथ ने 25 हजार की जगह 51 हजार रूपए देने को कहा था। लाखों बच्चियों की शादी हो गई। सात फेरे हो गए। बच्चियां अपने नए घर चली गईं। कमलनाथ कहते रहे पैसे नहीं हैं पैसे नहीं हैं। जबकि सीएम शिवराज ने एक एक बच्ची के खाते में पैसे पहुंचाए। पीएम आवास योजना के तहत पांच माह में पौने दो लाख लोगों को आवास दिए गए। 35 लाख गरीबों को एक रूपए किलो में अनाज पहुँचाया। कमलनाथ ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हर बेरोजगार को चार हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाएगा। परंतु नहीं दिया। ऐसी ढोंगी फरेबी सरकार के खिलाफ जब सडक पर उतरने को कहा तो कहा उतर जाओ। आखिरी में उन्होंने कहा मुझे रहजनों का गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है।

*सांसद बोले, 25 विधायकों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की*

सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि मप्र शिवराजसिंह चौहान को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और 25 विधायकों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की है। अब हमारी बारी है कि इनका साथ दें। उन्होंने कहा सुमित्रा कास्डेकर को नेपानगर विधानसभा से ऐतिहासिक जीत दिलाना है। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनीस, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, पूर्व विधायक रामदास शिवहरे, मंजू दादू, गोपीकृष्ण नेमा, ज्ञानेश्वर पाटिल, अनिल भोसले, विजय गुप्ता, प्रदीप जाधव, राजू शिवहरे, दिलीप श्रॉफ, अतुल पटेल, वीरेंदर तिवारी सहित अन्य नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता मौजूद थे।

*सिंधिया समर्थक भाजपा में शामिल*

मध्यप्रदेश ज्योतिरादित्य सिंधिया यूथ फोरम के प्रदेशाध्यक्ष पवन राजे सहित प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। दर्यापुर में आयोजित जनसभा में सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, नेपानगर उपचुनाव प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने सभी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को श्री सिंधियाजी के हस्ते भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराकर भाजपा परिवार में स्वागत-अभिनंदन कराया। पवन राजे ने बताया कि फोरम के प्रदेश सचिव राजा जंगाले, नगराध्यक्ष पंकज टंडन, नगर सचिव अरूण सोनी, गोपाल वान्द्रें, कमल चौधरी, ईमरान अंसारी, जीतू सोनी, अभिषेक खेमरिया, गणेश चिखलकर एवं कमलेश पांजरे आदि ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

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