कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक ली! collecter ne rajsaw adhikariyo ne bethak li

 

रतलाम - यदि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरण पेंडिंग रखे तो संबंधित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने राजस्व अधिकारियों को बैठक में दी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रकरणों को अटकाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर देखने में आया कि किसी प्रकरण में ढाई माह काम नहीं किया और आखिरी में उसे निरस्त कर दिया तो उस तहसीलदार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई स्थापित की जाएगी।



बुधवार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, एसडीएम रतलाम सिटी श्री अभिषेक गहलोत, एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री एम.एल. आर्य, एसडीएम जावरा श्री राहुल धोटे, एसडीएम आलोट श्री राजेश शुक्ला, एसडीएम सैलाना श्रीमती कामिनी ठाकुर, सिटी तहसीलदार श्री प्रेमशंकर पटेल सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि यदि राजस्व अधिकारी कार्य नहीं करेगा तो उसे हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा राजस्व अधिकारियों को ताकीद की गई कि उनके पास अपने कार्य से आने वाले व्यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा व्यवहार करें। राजस्व अधिकारी के व्यवहार की शिकायत नहीं आए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो भी राजस्व प्रकरण 3 माह से ज्यादा के हो जाते हैं उन्हें पीले बस्ते में बांधे और 6 माह से पुराने प्रकरण लाल बस्ते में बांधकर अपने सामने रखें ताकि ध्यान रहे कि यह प्रकरण इतने पुराने या इतने माह के लंबित हो चुके हैं। प्रकरण में आदेश पारित करने के पश्चात अमल दरामद समय सीमा में कराया जाए। यदि कोई पटवारी अमल दरामद कार्य नहीं करें तो उसकी वेतन वृद्धि रोक दी जाए। यह सुनिश्चित करें कि पटवारी आपके आदेश का पालन करें। सीमांकन निपटारा की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही करने पर बिलपांक राजस्व निरीक्षक को तीन वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन प्रकरण समय सीमा से बाहर जाने पर संबंधित तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई सुनिश्चित रूप से की जाएगी।

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