थानों पर आने वाले नाबालिक बच्चों के प्रकरण की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी जाए | Thano pr ane wale nabalik bachcho ke prakran ki jankari

थानों पर आने वाले नाबालिक बच्चों के प्रकरण की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी जाए

बैठक में कलेक्टर श्री डाड ने दिए निर्देश


रतलाम (यूसुफ अली बोहरा) - जिले के प्रत्येक थाने पर आने वाले नाबालिक बच्चों के प्रकरणों की जानकारी जिला बाल कल्याण समिति को दी जाना चाहिए ताकि समिति द्वारा विधिवत रूप से उनके माता-पिता को बच्चे सुपुर्द किए जा सके। यह निर्देश कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में पुलिस विभाग को दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा, एडिशनल एसपी डॉ. इंद्रजीत बाकलवार, जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती विनीता लोढा, जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्य श्री के.एन. जोशी, श्री जीवराज पुरोहित, श्री वीरेंद्र कुलकर्णी, चाइल्ड लाइन के श्री प्रेम चौधरी, श्री राहुल जैन, सहायक संचालक महिला बाल विकास सुश्री अंकिता पंड्या आदि उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री डाड ने जिला बाल कल्याण समिति द्वारा संपादित एवं निष्पादित कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियों की भी समीक्षा की। इसके अलावा शासन के बाल संप्रेषण गृह की जानकारी भी प्राप्त की। बाल संप्रेषण गृह से बच्चों के दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि वर्ष 2019-20 में 5 बच्चों को दत्तक दिया गया है। दत्तक ग्रहण के विभिन्न नियमों से अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया। कलेक्टर द्वारा समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत किशोर न्याय बोर्ड जिला बाल संरक्षण समिति तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत चाइल्ड लाइन की समस्या, विभागीय क्वॉरेंटाइन सेंटर, स्वास्थ्य परीक्षण के बिंदुओं पर चर्चा की गई। साथ ही बालगृह में प्रवेश पूर्व बच्चों का कोरोना सैंपल टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चाइल्ड लाइन को विशेष परिस्थितियों के अलावा कोरोना संबंधित कार्यों में नहीं लगाया जाए। बैठक में जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्य श्री कैलाश नारायण जोशी ने बाल संरक्षण समिति का कार्यालय वर्तमान में किराए के भवन में संचालित होने की जानकारी देते हुए कलेक्टर से नवीन कलेक्ट्रेट अथवा पुराने कलेक्ट्रेट में समिति कार्यालय के लिए भवन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया। इस सम्बन्ध में कलेक्टर द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।

जिले की नवाचार गतिविधि के घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को स्कूल बस अटेंडर सह कंडक्टर प्रशिक्षण दिया गया है ताकि रोजगार से जुड़ सकें। ऐसी 11 महिलाओं को कलेक्टर द्वारा आरटीओ द्वारा जारी लाइसेंस वितरित किए गए। बैठक में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती शकुंतला मिश्रा तथा बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती टीना सिसोदिया भी उपस्थित थी।

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