तिरुपति बालाजी कंपनी मे मज़दूर की मौत, शव को गेट पर रख दिया धरना | Tirupati balaji company main majdur ki mout

तिरुपति बालाजी कंपनी मे मज़दूर की मौत, शव को गेट पर रख दिया धरना
    
तिरुपति बालाजी कंपनी मे मज़दूर की मौत, शव को गेट पर रख दिया धरना

पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - पीथमपुर 27 अगस्त गुरुवार को तिरुपति बालाजी कंपनी में  कल एक श्रमिक की मौत हो गई।  कंपनी प्रबंधन श्रमिक को इंदौर ले गया। पोस्टमार्टम के बाद  शव को लेकर परिवार जन गेट पर धरना देकर बैठ गए।

बच्ची बिलख बिलख कर  विलाप करने लगी पापा एक बार मेरा नाम ले लो कहकर रोती बिलखती 15 साल की मासूम रिया को क्या मालूम की अब उसके पिता उसकी आवाज़ सुन नही सकते है , परिजन शव को तिरुपती बालाजी के मुख्य द्वार पर रखकर  नारेबाज़ी कर रहे थे इस उम्मीद मे की विधवा हुयी पत्नी और 2 बच्चों के सिर से पति व पिता का साया हमेशा के लिये हट गया।  पालन पोशण के लिये कम्पनी कुछ मुआवजा दे।

दरअसल घटना बुधवार की है जब रोजाना की तरह ओमप्रकाश परमार पिता अम्बाराम उम्र 45 वर्ष  निवासी गौतमपुरा तिरुपति बालाजी कंपनी सैक्टर एक पीथमपुर मे काम पर आया था। लेकिन एक दुर्घटना के दौरान रात मे ही मज़दूर की मौत हो गयी । परिजनो के कहे अनुसार इस बात की भनक लगभग 1 घन्टे तक   कम्पनी ने नही लगने दी। 

तिरुपति बालाजी कंपनी मे मज़दूर की मौत, शव को गेट पर रख दिया धरना

जब  परिजन कंपनी मे पहुंचे प्रबंधन ने शव को एम वाय रेफर कर दिया , जिसके बाद गुस्साये परिजनो ने पोस्टमार्टम के बाद  शव को कम्पनी परिसर के सामने रखकर  धरना दे दिया। परंतु प्रबंधन के कान पर जूं तक नही रिंगी । खबर लगते ही परिजनो  के पक्ष में कई समाजिक संगठनो ने शव रख घंटो प्रदर्शन जारी रखा लेकिन तिरुपति बालाजी का प्रबंधन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बाहर मिलने नही आया । लगभग 2 घन्टे बाद जब तहसीलदार विनोद राठौर व  थाना प्रभारी चन्द्रभान सिंह चढ़ार कंपनी पहुंचे तब कहीं कारखाना प्रबन्धक बाहर आये व 25 हजार मुअवाजे की बात  करने लगे । 

परिजनो का हंगामा लगभग 6 घंटों से उपर चला ।  बढ़ती भीड़ देख मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक  तरुनेंद्र सिंह बघेल  पहुंचे। लेकिन श्रमिक के लिये न्याय की माँग कर रहे बलई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानोज परमार ने मृतक के दोनो बच्चों के नाम पर दस दस लाख की एफ डी की माँग कही । अन्यथा अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन की घोषणा कर दी। 6 घन्टे लगातार शव के साथ चले प्रदर्शन के बाद   तहसीलदार विनोद राठौर की मौजूदगी में नगर अधीक्षक महोदय ने प्रबंधक रन्जन महापात्रे से बातचीत की ।तब  जाकर कंपनी प्रबंधन ने मृत श्रमिक के परिजनो से एक तय मुआवजे की बात की ।

कुल 3 लाख 75 हजार का मुआवजा व मृतक की पत्नी को आजीवन प्रतिमाह  पेंशन देने की बात हुई । 

प्रबंधक ने प्रदर्शन को शान्त करने के लिये मृतक की पत्नी व दोनो बच्चों को 50 - 50 हजार की एफ डी भविष्य निधि के तौर पर कुल 75 हजार , एवं मृतक की अन्त्योष्ठी के लिये 
50 हजार मुआवजा राशि व 25 हजार ESIC की तरफ से , एवं कारखाने के समस्त श्रमिकों की एक दिन का वेतन लगभग 1 लाख 50 हजार  मंजूर की।

फैक्ट्री के प्रबंधक आर के महापात्र ने कहा कि मज़दूर की मौत पर हमे दुख है , हमने मृतक परिवार के लिये उक्त मुआवजे की राशि का प्रबंध कर दिया है साथ ही मृतक की पत्नी को आजीवन वेतन की व्यव्स्था भी की है ।

नगर पुलिस अधीक्षक सर्वेंद्र बघेल ने कहा कि हमें जानकारी मिली थी की श्रमिक की मौत कम्पनी परिसर मे हुयी थी , एवं कम्पनी परिसर मे ही अब परिजन धरना प्रदर्शन कर रहे है , जिसके बाद मैने प्रबंधन से बात की। मुआवजे की राशि कम्पनी द्वारा तय कर दी गयी है। जो कंपनी द्वारा लेटरपेड पर लिख कर दे दिया गया ।
  
बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पवार ने बताया की कम्पनी ने  सबसे पहले मृतक को मजदूर मानने से ही इंकार कर दिया था ।जिसके बाद हमें यह प्रदर्शन करना पड़ा लगातार 6 घंटों तक समाज जन एवं परिजनों के द्वारा प्रदर्शन किया गया जिसके बाद प्रबंधन ने मृतक परिवार को उक्त मुआवजे की राशि तय की है ।जिसके लिए नगर अधीक्षक महोदय , तहसीलदार महोदय एवं थाना प्रभारी का  आभार व्यक्त किया।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रमुख रूप  उपनिरीक्षक ब्रह्मानंद चौहान सहायक उपनिरीक्षक यशवंत जोगी बालकृष्ण मिश्रा यातायात प्रभारी मनोहर सिंह चौहान सहित काफी तादाद में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था।

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