जिला पुलिस टीम के नेतृत्व में वन विभाग के डिप्टी रेंजर एवं फॉरेस्ट जवान पर हमला करने वालों को किया गिरफ्तार | Jila police team ke netritva main van vibhag ke deputy ranger evam forest

जिला पुलिस टीम के नेतृत्व में वन विभाग के डिप्टी रेंजर एवं फॉरेस्ट जवान पर हमला करने वालों को किया गिरफ्तार

जिला पुलिस टीम के नेतृत्व में वन विभाग के डिप्टी रेंजर एवं फॉरेस्ट जवान पर हमला करने वालों को किया गिरफ्तार

बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - घटना दिनांक 18 अगस्त 2020 की रात 10 बजे अस्पताल चौकी पर वन रक्षक ने रिपोर्ट लिखाई कि बीट क्र. 379 पर मगरडोह जंगल में सागौन के पेडों की अवैध कटाई चल रही है। सूचना मिलने पर उसके साथ डिप्टी रेंजर मनोहर गुप्ता, वन रक्षक जितेन्द्र गौर, खुशीराम चौकीदार, किशोर एवं युवराज मगरडोह बीट में गश्त के लिये गये।

शाम करीब 6.00 बजे गश्त के दौरान 1) राजू पिता अनार सिंह 2) अनार सिंह 3) रमेश 4) गोंडिया 5) पण्डित 6) प्रेम सिंह 7)चापलिया पिता प्रेम सिंह 8) सखाराम पिता नर सिंह 9) नरसिंह 10) दिनेश 11)बिशन 12)सुनील पिता लक्ष्मण 13)सुरतिया 14)हरि सिंह 15)बिशन का छोटा भाई 16)अनार सिंह का लडका 17) गुलाब के लडके 18) हरि सिंह के लडके एवं अन्य 15-20 लोग निवासी मगरडोह के एक राय एक मत होकर कुल्हाडी, लकडी के डंडे, फालिया व पत्थर लेकर आए एवं हमें जान से मारने की नियत से हम लोगों पर हमला कर दिया।

आरोपियों के खिलाफ धारा 147,148,149,307,332,353 भादवि का देहाती नालसी लिखकर थाना खकनार में अप क्र. 457/2020 में असल कायमी की गई।

थाना प्रभारी निरी. के.पी. ध्रुवे ने पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) ओ.पी. त्रिपाठी बुरहानपुर को स्थिति से अवगत कराया व पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर के आदेश से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र तारनेकर तथा एसडीओपी यशपाल सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा खकनार थाना प्रभारी के.पी. ध्रुवे के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।

टीम द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिये कई जगह पर दबिश दी गई, जिसमें पुलिस टीम ने पण्डित पिता नरसिंह भिलाला, राजू पिता हरिसिंह भिलाला, सुनील पिता लक्ष्मण, आकाश पिता अमर सिंह रावत, पप्पू पिता गुलाब रावत, किशन पिता रमेश, चपाल सिंह पिता प्रेम सिंह जमरे सभी निवासी मगरडोह शंकर फालया को गिरफ्तार किया गया। 

संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरी के.पी. ध्रुवे , उप.निरी. हंस कुमार, आरक्षक मनोज मोरे, सुखलाल डाबर, गजेन्द्र रावत एवं दयाराम का सराहनीय योगदान रहा।

Post a Comment

0 Comments