हादसे रोकने के लिए युवाओं ने खुद के व्यय से भर दिए राजकीय हाइवे के गड्ढ़े | Hadse rokne ke liye yuvao ne khud ke vyay se bhar diye rajkiya

हादसे रोकने के लिए युवाओं ने खुद के व्यय से भर दिए राजकीय हाइवे के गड्ढ़े

हादसे रोकने के लिए युवाओं ने खुद के व्यय से भर दिए राजकीय हाइवे के गड्ढ़े

मेघनगर (जय उल हक क़ादरी) - राजकीय हाइवे क्रमांक 39 मेघनगर तेजाजी मंदिर के सामने मुख्य मार्ग खस्ताहाल हो गया है। इसके बीच मेघनगर से झाबुआ जिला मुख्यालय 16 किमी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। आए दिन हादसे होने से कई लोग दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं तो इतिहास गवाह है कि एम.पी.बी. के सामने कई जाने दुर्घटना होने से काल के ग्रास में समा गई। आए दिन जिला मुख्यालय पर जाने के लिए भाजपा के बड़े नेता,विधायक , प्रशासनिक अधिकारी जिला मुख्यालय एस.डी.एम. तहसील कार्यालय पर जाने के लिए उक्त रास्ते से सफर करते हैं। दिन हादसे होने के बावजूद प्रशासन इन गड्ढों को भरवा नहीं पाया। इसलिए गांव के युवाओं ने स्वयं गड्ढों को भरने का निर्णय लिया। युवाओं ने बिजली ऑफिस के पास करीब 10 गड्ढों को मिट्टी,ईट मोहरम डालकर भर दिया। इसके लिए आधा दर्जन से अधिक युवा एकत्रित हुए और मुरम व मिट्टी की व्यवस्था कर गड्ढे भरना शुरू कर दिया। करीब 2 घंटे तक चले मरम्मत कार्य में मार्ग पर उभरे 10 से अधिक गड्ढों को भरा गया। आजाद मित्र मंडल के युवाओं ने बताया ज्यादा और बड़े गड्ढ़े होने से वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। मार्ग मरम्मत की मांग को लेकर विभाग के अधिकारियों से दर्जनों बार शिकायत कर चुके हैं, बावजूद इसके किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए हमने गड्ढों को भरने का जिम्मा स्वयं उठा लिया। अब विधायक साहब और रूलिंग पार्टी के पदाधिकारियों को सोचना होगा कि अफसरशाही आखिर क्यों शासन पर हावी हो रही है क्या जनता की जान इतनी सस्ती हो गई कि वह एक ट्रैक्टर-ट्राली से पैच वर्क भी ना कर सके जबकि कुछ दिनों पहले ही उक्त सड़क के ठेकेदार से पीडब्ल्यूडी विभाग ने उपचुनाव के बाद झाबुआ से रतलाम तक पेच वर्क करवाया था। क्या पैच वर्क भी इतना भ्रष्टाचार हो गया है जो पहली बारिश में धुल गया। अब पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित ठेकेदार इस पर क्या सफाई देते हैं जल्द पता चलेगा फिलहाल युवाओं ने स्वयं के व्यय से गड्ढों की मरम्मत कर संबंधित विभाग व ठेकेदार के ऊपर गांधीगिरी से तमाचा जड़ दिया है ।


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