अस्पताल है या शराबखोरी का अड्डा, देर रात जिला अस्पताल में ड्यूटी डाॅक्टर शराबखोरी करते धराया | Aspatal hai ya sharabkhori ka adda

अस्पताल है या शराबखोरी का अड्डा, देर रात जिला अस्पताल में ड्यूटी डाॅक्टर शराबखोरी करते धराया

जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक पटेल ने निलंबित करने की मांग की

अस्पताल है या शराबखोरी का अड्डा, देर रात जिला अस्पताल में ड्यूटी डाॅक्टर शराबखोरी करते धराया

अलीराजपुर (रफीक क़ुरैशी) - गत देर रात्री को जिला अस्पताल में उस समय गहमागहमी मच गई जब इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात एक डाॅक्टर अपने ड्यूटी रूम में एक साथी के साथ शराब का सेवन करते हुए रंगे हाथो पकडा गया। जिसके चलते जिला अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया। दरअसल जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल की माताजी लाडबाई का अचानक स्वास्थ खराब हो गया वे गुरूवार देर रात्री करीब साढे ग्यारह बजे उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जब उपचार के लिए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक विजय मंडलोई को ढुंढा गया तो वे अपने रूम में एक साथी के साथ शराब का सेवन कर रहे थे। जिकां अध्यक्ष पटेल ने मामले की सुचना सीएमएचओ डाॅ. प्रकाश ढोके और सिविल सर्जन केसी गुप्ता को दी। कुछ देर बाद दोनो जिला अस्पताल पहुंचे और उनकी माता का उपचार किया। इस दौरान विधायक मुकेश पटेल, नपाध्यक्ष सेना पटेल, जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष बापू पटेल भी मौजूद थे। स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करने के गंभीर मामले को लेकर जिकां अध्यक्ष एवं विधायक पटेल ने शासन-प्रशासन से शराबखोरी करने वाले चिकित्सक मंडलोई को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। 


*जिम्मेदार अधिकारियो का अधिनिस्थ डाॅक्टर्स एवं कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं*

जिकां अध्यक्ष श्री पटेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि मरीज बेहतर इलाज की बडी उम्मीद के साथ अस्पताल पहुंचता है। शासन-प्रशासन द्धारा स्वास्थ्य मामले मे करोडो रुपए का बजट दिया जाता हे, बावजुद इसके चिकित्सको की लारपवाहियो से मरिजो को उपचार नही मिल पा रहा है। जिला अस्पताल इन दिनो लापरवाहियो के साथ-साथ शराबखोरी का अड्डा बना हुआ है। सीएमएचओ और सिविल सर्जन का अधिनिस्थ डाॅक्टर्स और कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। अस्पताल के कुछ डाॅक्टर और कर्मचारी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहते है और मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुव्र्यवहार भी करते है। इसकी शिकायते पूर्व में भी प्रभारी सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पास पहुंच चुकी है। जिससे मरीजों को परेशानियो का सामना करना पड रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई सुविधा और संसाधन उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में आॅपरेशन, गंभीर बिमारियों और दुर्घटना में गंभीर घायल मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है। सिजेरियन के नाम पर प्रसूताओं को भी बाहर रेफर कर दिया जाता है। जो कि बेहद चिंतनीय है। 

*गांधीवादी तरिके से मौन धरना-प्रदर्शन करेंगे*

श्री पटेल ने बताया कि वर्तमान में विश्वव्यापी कोरोना महामारी  का प्रकोप व्याप्त है और ऐसे में जिला अस्पताल के चिकित्सक गंभीर लारपवाही और उदासीनता बरतते हुए आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड कर रहे है। इन दिनों अस्पताल में मरीजों का सही समय पर उपचार नहीं मील रहा है। चिकित्सको द्धारा मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जो स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की बजाए भ्रष्टाचार करने में लिप्त है। कोरोना महामारी के दौरान भी जिला अस्पताल में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होने बताया कि स्वास्थ विभाग और जिला अस्पताल में व्याप्त लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ शीघ्र ही गांधीवादी तरिके से मौन धरना-प्रदर्शन कांग्रेस कार्यकर्ताओ द्वारा किया जाएगा। इस दोरान कांगेसी नेता राजेंद्र टवली, अनिल थेपडिया, युवा नेता चितल पंवार मोजुद थे। यह जानकारी जिला कांग्रेस मिडिया प्रभारी रफीक कुरैशी ने दी। 

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