डेमनीया बाबा का निधन, गायत्री परिवार में शोक की लहर
अंजड़ (शकील मंसूरी) - आदिवासी संत निषादराज आदरणीय "डेमनिया बाबा" साली टांडा जिला बड़वानी का रात्रि में प्रभु मिलन हो गया है. हजारों आदिवासी भाइयों को गायत्री मंत्र का जप दीक्षा संस्कार के साथ व्यसन मुक्ति के संकल्प ओर समाज में व्याप्त कुरूतिओ को मिटाने में बाबा का बहुत योगदान रहा है आदिवासी अंचलों में बली प्रथा का घोर विरोध करते हुए बाबा ने गुरुदेव के सद्विचारों को पिछड़े समाज में आदिवासी भाषा में सबके बीच पहुंचाकर कुप्रथाओं को बन्द करने में काफी सफलता प्राप्त की तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिह जी द्वारा बाबा को व्यसन मुक्त अभियान में लाखो व्यक्तियों को प्रेरित कर व्यसन से मुक्त कराने में सम्मान भी प्रदान किया गया..
निमाड़ क्षेत्र में झाबुआ खरगोन खंडवा अलीराजपुर बड़वानी बुरहानपुर के सडुर इलाको में गायत्री ओर गुरुदेव को बाबा ने घर घर पहुंचने में श्रेष्ठ कार्य किया छत्तीगढ़वासियों में भी बहुत कुछ व्यसन मुक्त ओर समाज में व्याप्त कुरूती को जड़ से मिटाकर समाज को स्वस्थ चिंतन दिया। प्रांतीय प्रतिनिधि महेंद्र भावसार उपजों न प्रभारी के.सी. शर्मा जिला समन्वयक माधव पाटीदार व गायत्री परिजनों ने श्रद्धांजलि प्रदान की।
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