शहर से गांव की ओर पैदल जा रहे मजदूरों के साथ हो रही ना इंसाफी
21 दिन कोरोटिन में रखने के बाद भी प्रशासन दिखा रहा सकती
सौसंर/बोरगांव (गयाप्रसाद सोनी) - कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हर तरफ अफरा-तफरी मची है, वहीं शहर से ग्रामीण अंचल की ओर पैदल आ रहे ,मजदूर वर्ग को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जुन्नारदेव ,परासिया, नवेगांव, दमुआ जो अपनी रोजी-रोटी कमाने नागपुर के कापरी प्लांट में काम करने गए थे,जो पैदल शहर से गांव की ओर आ रहे थे, कि महाराष्ट्र सीमा का थाना किलोद मैं इन्हें 21 दिन तक कोरोनटाइम में रख दिया गया, और डॉक्टर के अनुसार इन सभी को फिट बता दिया गया, जहां उन्हें वहां से पैदल मध्यप्रदेश की ओर रवाना कर दिया गया जैसे-तैसे बॉर्डर से निकलकर जैसे ही लोधीखेड़ा थाना के रेमंड चौकी पर पहुंचे कि उन्हें पुनःकिलोद जाने के लिए वापस भिजवा दिया गया ,इसी बीच सौसर नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण चाके एवं मध्य प्रदेश मीडिया संघ के जिला अध्यक्ष गया प्रसाद सोनी, सौसर तहसील अध्यक्ष रमेश पातुरकर, पत्रकारों की टीम मध्य प्रदेश महाराष्ट्र की सीमा से कवरेज करके वापस आ रहे थे कि नागपुर छिंदवाड़ा रोड से पैदल मजदूरों को देखकर रूके और उनकी परेशानी पूछी गई ,तब मजदूरों ने बताया कि इतनी कड़कड़ाती धूप में हम 10 मजदूर पैदल जैसे तैसे हम अपने गांव जा रहे थे, कि आगे पुलिस वालों ने हमें डरा धमका कर वापस कर दिया जाने के लिए कहां तो वापस किलोद जा रहे हैं,तब, एसडीएम से मोबाइल लगाकर गुहार लगाई गई, वहीं जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके को भी सारी जानकारी से अवगत कराया गया ,उन्होंने तुरंत ही सौसर एसडीएम से चर्चा की और सौंसर नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने स्वयं के खर्च से वाहन उपलब्ध कराकर उन्हें जुन्नारदेव पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया, बेचारे गरीब मजदूर जो कड़कड़ाती धूप में पैदल आ जा कर ही लड़खड़ा गए हैं, और उन्हें पुलिस वाले यहां से वहां जाने और डंडा मारने की धमकी दे रहे हैं ,ऐसी ही स्थिति कोरोना वायरस को लेकर पूरे जिले में परेशानी चल रही है, जबकि प्रशासन को चाहिए कि भूले भटके मजदूरों को जिले के जिले में ही भटक रहे मजदूरों को जो कोरान टाइम से ठीक हो चुके उन्हें उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
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