नेट बैंकिंग के जरिए वृद्धा पेंशन की राशि उड़ाई | Net banking ke jariye vradha pension ki rashi udai

नेट बैंकिंग के जरिए वृद्धा पेंशन की राशि उड़ाई

नेट बैंकिंग के जरिए वृद्धा पेंशन की राशि उड़ाई

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - जनपद समनापुर के पड़रिया पंचायत अंतर्गत धनौली गांव के आमा टोला की रामकली एवं फूलवती के बैंक खाते से एक व्यक्ति द्वारा  नेट बैंकिंग के जरिये रुपए की निकासी कर लेने का मामला सामने आया है। 


इस मामले में सुजीत राठौर पिता धनपाल के खिलाफ समनापुर थाना में आवेदन दिया गया है सुजीत राठौर मारगांव का रहने वाला है और गांव में आॅनलाइन कार्य किया करता है। बताया जाता है कि सुजीत ने 12 अप्रैल को फूलवती के खाते से 25 सौ, जबकि रामकली के खाते से 17 सौ रुपए की निकासी कर ली। ठगी के शिकार हुए दोनों वृद्धा महिलाओं का आरोप है कि हमलोगों के खाते में सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धा पेंशन की राशि 25 सौ रुपए एवं 17 सौ रुपए आई थी। रुपये आने के बाद सुजीत राठौर हमलोगों को बुलाकर खाते से पूरे रुपये निकालकर हम गरीब लाभुकों को कुछ रुपये ही दिये। साथ ही बताया कि शेष बचे रुपये खाते में है दो-चार दिन में निकालकर दे देगा। जब दो चार दिन बीतने के बाद बाकी बचे रुपये मांगने गए तो हमलोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। 


मामले की जानकारी तब हुई जब  उनके परिजनों ने दोनों वृद्ध महिलाओं को दुपहिया वाहन में बिठाकर पेंशन की राशि निकालने बैंक पहुंचे,जहां खाता में पैसा नहीं होने की जानकारी दी गई तब कहीं मामले का खुलासा हुआ। इस दौरान गांव में मामला सुलझाने का प्रयास किया गया, मगर सुजीत पैसा निकाले जाने की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इस बावत समनापुर थाना प्रभारी उमाशंकर यादव ने बताया कि जांचोपरांत मामला स्पष्ट हो पाएगा मामले छानबीन कर रही है। मालूम हो कि लॉक डाउन के दौरान सरकार के द्वारा गरीबों के जन धन तथा वृद्धावस्था पेंशन की राशि खाते में भेजी जा रही है, जिस पर साइबर ठगों की गिद्ध दृष्टि लग गई है। अगर प्रशासन द्वारा गांव गांव में मोबाइल बैंकिंग के जरिए पैसा निकालने का धंधा बंद नहीं कराया गया तो अधिकांश लोग ठगी के शिकार हो सकते हैं।  

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