लाखनादौन पुलिस ने अंधी हत्या का किया खुलासा, दो को गिरफ्तार कर भेजा जेल | Lakhnadon police ne andhi hatya ka kiya khualsa

लाखनादौन पुलिस ने अंधी हत्या का किया खुलासा, दो को गिरफ्तार कर भेजा जेल

एक साल पहले मृतक ने दिए थे साढ़े सात लाख रुपए, ब्याज सहित 12 लाख रुपए मांग पर कर्जदार ने बनाई हत्या की योजना

लखनादौन/सिवनी (संतोष जैन) - उधार दिए रुपये लेने पहुंचे डेरी संचालक को कर्जदार ने मौत दे दी। बम्होड़ी बायपास में 14 अप्रैल की सुबह संदिग्ध हालत में लहुलुहान मिले डेरी संचालक देवलाल पटेल की मौत की गुत्थी लखनादौन पुलिस ने सुलझा ली है। शनिवार को लखनादौन एसडीओपी आरएन परतेती, थाना प्रभारी महादेव नागोतिया ने अंधी हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपित दिनेश उर्फ दिन्नू पिता सरदार सिंह राजपूत (29) व सहयोगी प्रदीप पिता धीरज सिंह राजपूत (24) सिरमंगनी निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। वारदात में दिनेश की मदद करने वाला प्रदीप मूल रुप से नरसिंहपुर जिले के ठेमी थाना अंतर्गत मचवारा गांव का निवासी है, जो लंबे समय से लखनादौन के सिरंमगनी में रह रहा था।

रुपये लौटाने से बचने कर दी हत्या - एक साल पहले दिनेश ने मृतक देवलाल से साढ़े सात लाख रुपये का कर्ज ब्याज पर उधार लिया था। मृतक ब्याज सहित 12 लाख रुपये की राशि दिनेश से मांग रहा था। बार बार रुपये की मांग करने से परेशान दिनेश ने डेरी संचालक की हत्या की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। 14 अप्रैल को मृतक देवलाल पटेल का शव पुलिस को रक्त रंजिश हालत में मिला था। पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया कि धारदार हथियार से हमला कर दिनेश की हत्या की गई है। इस पर पुलिस अज्ञात आरोपित के खिलाफ धारा 302 भादंवि का प्रकरण दर्ज मामले को जांच में लिया था।

गुमराह करने की कोशिश करते रहे आरोपित - पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक, एएसपी कमलेश खरपुसे व एसडीओपी आरएन परतेती के नेतृत्व में जांच शुरु की गई। प्रारंभ जांच में संदेह होने पर सिरंमगनी निवासी दिनेश राजपूत व प्रदीप राजपूत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले तो दोनों पुलिस को अलग-अलग बयान देकर गुमराह करते रहे। लेकिन जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो दोनों ने जर्मु कबूल कर लिया। आरोपित से सच उगलवाने में पुलिस ने सायबर सेल की मदद ली।
उधार रुपये बना मौत का कारण - पूछताछ में आरोपित दिनेश राजपूत ने बताया कि मृतक डेरी संचालक देवलाल पटेल से एक साल पहले उसने साढ़े सात लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। ब्याज सहित करीब 12 लाख रुपये की राशि मृतक लौटाने की मांग लगातार कर रहा था। कई बार पैसो की मांग करने के कारण दिनेश ने डेरी संचालक की हत्या की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। ब्याज सहित रुपये लौटाने के बहाने आरोपित दिनेश ने अपने ड्रायवर प्रदीप राजपूत के साथ बम्होड़ी बायपास पहुंचकर मृतक देवलाल पटेल को मौके पर बुलाया।प्रदीप ने पीछे से छिपकर किया वार - देवलाल के पहुंचने पर दिनेश सड़क किनारे बैठकर हिसाब करने लगा तभी योजना के मुताबिक देवलाल पर पीछे से प्रदीप ने धारदार हथियार बका से गले व सिर में हमला कर दिया। इसके बाद प्रदीप से बका लेकर दिनेश ने देवलाल के गले, सिर व चेहरे पर क्रूरतापूर्वक कई वार किए। हत्या के बाद दिनेश ने मृतक के पेंट जेब में रखा सेमसंग कंपनी का मोबाइल, दुकान की चाबी का गुच्छा व डायरी निकाल लिया।वारदात में उपयोग हथियार किए जब्त - पुलिस ने वारदात में उपयोग बका, मोबाइल हैंडसेट, चाबी का गुच्छा, जेब से निकाले गए रुपये व बाइक वाहन जब्त कर लिया है। पुलिस ने वारदात के दिन आरोपित द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। हत्या का खुलासा करने में लखनादौन थाना प्रभारी महादेव नागोतिया, एसआई एनपी चौधरी, एनएस तेकाम, आरक्षक अमित रघुवंशी, मोंटी गोखले, दशरथ धुर्वे, प्रकाश उईके, होमेश्वर गायकवाड़, धनेश्वर यादव, अजय बरमैया, राहुल कुशवाहा, सायबर सैल के प्रधान आरक्षक देवेंद्र जयसवाल की अहम भूमिका रही।

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