एक तरफ कोरोना का कहर, दूसरी तरफ खुलेआम चल रहा शराब का खेल
लूट सको तो लूट लो सब माल अपना है शहपुरा पुलिस
सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का
शहपुरा पुलिस इन दिनों खास चर्चा मैं
शराब पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ने कई राजनेताओं के आते हैं फोन
पुलिस की सख्ती का असर नहीं कई इलाकों में धड़ल्ले से बेची जा रही शराब
हर हर वर्ग तक पहुंच रही शराब
लाख डाउन का असर शराब की बिक्री पर नहीं
नर्मदा के कई पवित्र इलाकों में बिक रही कच्छी और नकली शराब
छोटे-मोटे मामले बनाकर रफा-दफा किया जाता है
शराब की दुकानें बंद हैं लेकिन आ कहां से रही है शराब
सील लगी दुकानों में बिक रहा माल पीछे से
कोई घर से बेच रहा है कोई खुलेआम बेच रहा है
गुर्गे थैले में रख कर बेच रहे माल पहुंचा रहे शराबियों को घर तक
अधिकारी पता करने तैयार नहीं और जिनको पता है वह कार्रवाई करने तैयार नहीं
सब खेल सेटिंग का विगत दिवस 70 पेटी शराब को 13 पेटी में निपटा दिया
ना मालिक पर हुई कार्रवाई ना धारा लगी 34 दो सूत्रों के अनुसार खबर 5 से आठ लाख रुपए में निपटाया मामले को
शराब पकड़ने के बाद रात भर चला नौटंकी का खेल
जबकि शासन के आदेश हैं कोरोना में दुकान बंद रहेगी व शील रहेगी तो माल आ कहां से रहा है
रात के अंधेरे में माल सील खोलकर निकाला जा रहा
अभी गढ़ा क्षेत्र में हुई थी बड़ी कार्रवाई ऐसे ही ईमानदार अधिकारियों की है जरूरत जबलपुर को
शराब माफियाओं से पुलिस की मिलीभगत
कमाओ हमें दो और जाओ
जबलपुर (संतोष जैन) - 120 का क्वाटर मिल रहा 200 में 400 की बोतल मिल रही 1500 मैं 3000 की पेटी मिल रही 8000 में कौन सी ब्रांड चाहिए हम पहुंचा दे देंगे धड़ल्ले से बिक रही शराब गांव व शहर में बस्तियों में झूम रहे शराबी दारू खोर कह रहे घर में खाना नहीं है पी रहे शराब शाम होते ही मैं खाना चालू हो जाता है सबकी हो रही चांदी शराब की दुकानों में कई हैं पार्टनर
आबकारी विभाग भी पीछे नहीं बंदरबांट में
सब खेल मिलीभगत से होता है छोटे-मोटे मामले बनाकर करते हैं खानापूर्ति
देखो भैया ऊपर से आया है फोन तो हमने पकड़ा है माल अभी दे दो बाद में समझ लेंगे
अधिकारियों और शराब व्यवसायियों का पुलिस पर रहता है दबाव
राजनेता भी पीछे नहीं लगातार करते हैं फोन हमारा आदमी है छोड़ दो
नहीं तो यहां पर ज्यादा दिन के मेहमान नहीं होगे नौकरी करना है तो समझना होगा आज आप समझो कल हम समझेंगे
वही जहाँ कोरोना को देखते हुए सुबह छुट दी गई है,तब ऐसी बहुत शिकायतें मिलती हैं उस 11 बजे तक के छुट के समय मे ग्रामीण से आने वाले सीधे साधे लोगो के ऊपर वेवजह पुलिस द्वारा डंडे बरसाए जाते हैंओर उसके बाद सारे दिन ओर रात किसी के साथ न कोई पूछताछ न कोई जांचदुकाने खुल जाती हैं,आज शहपुरा में एक परिवार भी संदिग्ध पाया गया है,जिनकी पान दुकान पर प्रतिदिन सेकड़ो लोग आते थे शराब जगह जगह चालू हो जाती है,ओर फिर पुलिस का कार्यक्रम चालू,पकड़ो ओर पैसे लेकर छोडो।
एक बड़ा संदिग्ध मामला भी अभी जांच में है,जिसमे चर्चाएं है कि बहुत बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी गई एवं जप्ती कम हुई वही आये दिन खमदेही, शीतलपुर,बंशीपुर आदि जगहों से लगातार शराब की शिकायतें मिलती हैं,लेकिन दिखावे की कार्यवाही के साथ पैसा लेकर छोड़ना ओर दूसरे दिन फिर वही चक्र चालू हो जाता हैकई मामलों में बेगुनाहों को भी इसमें लपेटकर उनसे पैसे ले लिए जाते हैं, अधिकारी कब जागेंगे शासन इन पर कब करेगा बड़ी कार्रवाई यह जांच का विषय
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