फंदा लगाकर चीतल का शिकार करने वाले नौ गिरफ्तार
डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - जिले के करंजिया वन परिक्षेत्र अंर्तगत वन ग्राम सेनगुड़ा में जंगल से सटे खेत के लगभग 500 मीटर क्षेत्र में वन्य प्राणी चीतल को फंदा लगा कर मारकर खाने के आरोप में नौ लोगों को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया है। जानकारी में बताया कि चार मार्च की शाम लगभग चार बजे सेनगुड़ा निवासी लालसिंह (45) पिता जगन द्वारा सेनगुड़ा स्थित अपने खेत में मोटर साइकिल के एक्सल के तार का फंदा लगाया था, जिससे खेत में आने वाले चीतल को फंसाया जा सके।
चमड़े को भूनकर खा गए
खेत में वन्य प्राणी चीतल फसलों को खाने के लिए आते थे। इसी फिराक में लाल सिंह ने फंदा लगा कर चीतल को फंसाने की योजना बनाई। योजना में लालसिंह के साथ उसके अन्य साथी भी शामिल रहे। वन्य प्राणी चीतल को फंसाने के लिए लगाए गए फंदे में चार और पांच मार्च की दरमियानी रात लगभग तीन बजे चीतल का बच्चा फंस गया। पांच मार्च की सुबह लगभग आठ बजे तक चीतल के चमड़े को भूंज कर आरोपितों ने सेवन भी कर लिया।
शिकार में ये थे शामिल
चीतल को फंदे में फंसाने से लेकर उसका सेवन करने तक में लालसिंह (45) पिता जगन सिंह, अमीर सिंह धुर्वे (40) पिता तिहार सिंह, प्रवचन सिंह धुर्वे (35) पिता सकत धुर्वे, हिम्मत सिंह नेटी (40) पिता समारू सिंह, दीप सिंह धुर्वे (26) पिता सकत सिंह, सुख सेन धुर्वे (19) पिता तिहार, रामसिंह धुर्वे (35) पिता हीरा, रमन सिंह धुर्वे (21) पिता धरम सिंह और शोभा सिंह (25) पिता सोहन सिंह शामिल रहे। सभी आरोपित को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ लिया गया।
आरोपितों से जब्त की गई सामग्री
वन्य प्राणी चीतल के बच्चे का शिकार और उसको भूंनकर सेवन करने में उपयोग की जाने वाली सामग्री आरोपितों के पास से जब्त कर ली है। बताया गया कि वन विभाग के अमले ने चीतल की खोपड़ी, जबड़ा, पैर, पकी हुई हड्डी, चीतल के बाल, उपयोग की गई कुल्हाड़ी और मोटरसाइकिल का क्लच तार का फंदा जब्त किया है। वन विभाग ने अपराधियों पर धारा वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 50, 51, 52 के तहत मामला भी दर्ज किया है। कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी करंजिया पूर्व एसजे सिंह, डिप्टी रेंजर सेवाराम उईके, प्रभुनाथ प्रजापति, ईश्वर परस्ते, मनोज भारतीय, आलोक यादव, प्रेमवती मरावी, राय सिंह मरावी, चरण पेंद्रो सहित स्टाफ शामिल रहा।
इनका कहना है
सूचना पर वनग्राम सेनगुड़ा से नौ आरोपितों को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया है। आरोपितों के पास से वन्य प्राणी चीतल के शिकार में उपयोग की गई सामग्री सहित उसें शरीर के हिस्से भी जब्त किए गए हैं। आरोपितों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसजे सिंह, वन परिक्षेत्र अधिकारी करंजिया पूर्व।
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