एसआईटी जांच कराने की मांग को लेकर गृह मंत्री के नाम पत्रकारों ने सौंपा पत्र
अनूपपुर (अरविन्द द्विवेदी) - मौजूदा समय में पत्रकारों के विरुद्ध पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार दर्ज किए जा रहे अपराधों को लेकर पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है। बिना जांच विवेचना के किसी भी मामले में पत्रकारों के विरुद्ध तत्काल मामला पंजीबद्ध कर लिया जा रहा है। जबकि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी पत्रकार के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध करने से पहले पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कराई जाए। लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस सारे नियमों को दरकिनार करते हुए पत्रकारों को निशाना बना रही है। कुछ दिन पहले शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में, अनूपपुर जिले के पत्रकार अजय मिश्रा और किशोर सोनी के विरुद्ध कोयला चोरी के मामले में अपराध दर्ज किया जाता है। जिसकी खबर समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आई तो पीड़ित पत्रकार अपनी फरियाद लेकर न्यायिक जांच के लिए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को आवाज लगाई है।
पत्रकार अजय मिश्रा का कहना है कि उन्होंने सोहागपुर क्षेत्र के कुछ कोल माफियाओं की गाड़ियां अवैध कोयले से भरी पकड़वाई थी और उन मामले को लेकर समाचारों का प्रकाशन भी किया था। जिसके बाद से ही कोल माफिया और उससे जुड़े पुलिस प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी पत्रकार को निशाना बनाने की ठान ली और कोयला चोरी के मामले में पत्रकार को ही आरोपी बनाकर उसकी कलम को दबाने का प्रयास शहडोल जिले की पुलिस कर रही है।
पत्रकार के विरुद्ध की जा रही इस तरह की कार्रवाई के विरोध में अनूपपुर जिले के पत्रकारों ने मध्य प्रदेश के गृह मंत्री के नाम अनूपपुर पुलिस अधीक्षक के द्वारा पत्र सौंपकर एसआईटी टीम गठित करने तथा न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पत्रकारों ने अपने पत्र के माध्यम से मांग की है कि इस पूरे मामले की एसआईटी टीम गठित कर सूक्ष्म जांच कराई जाए।
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