लायंस क्लब के द्वारा लगातार पुनीत कार्य जारी
धामनोद (मुकेश सोडानी) - यह दुनियां बहुत खूबसूरत है. हमारे आसपास की हर वस्तु में एक अलग ही सुंदरता छिपी होती है जिसे देखने के लिए एक अलग नजर की जरुरत होती है. दुनियां में हर चीज का नजारा लेने के लिए हमारे पास आंखों का ही सहारा होता है. लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि बिन आंखों के यह दुनियां कैसी होगी? चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा मालूम होगा. दुनियां की सारी खूबसूरती आंखों के बिना कुछ नहीं है. आंखें ना होने का दुख वही समझ सकता है जिसके पास आंखें नहीं होतीं.थोड़ी देर के लिए अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर देखें दुनियां कैसी लगती है. लगता है ना डर. आंखों के बिना तो सही से चला भी नहीं जा सकता और यही वजह है कि इंसान सबसे ज्यादा रक्षा अपनी आंखों की ही करता है. लेकिन कुछ अभागों की दुनियां में परमात्मा ने ही अंधेरा लिखा होता है जिन्हें आंखें नसीब नहीं होतीं. कई बच्चे इस दुनियां में बिना आंखों के ही आते हैं तो कुछ हादसों में आंखें गंवा बैठते हैं. अब लायंस क्लब धामनोद के द्वारा लगातार क्षेत्र में नेत्रदान के लिए मृत्यु उपरांत परिजनों को प्रेरित कर नेत्रदान करवाया जा रहा है एक हद तक लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता आई है लायंस क्लब की इस कार्य में सराहनीय भूमिका है लगातार नेत्रदान की बढ़ती कड़ी में लायंस क्लब के द्वारा ग्राम करही जिला खरगोन निवासी समरथमल सुराणा के निधन पर उनके परिवार द्वारा लायंस क्लब धामनोद 'एक्टिव' के माध्यम से नेत्रदान किए और एम. के. इंटरनेशनल आय बैंक इंदौर भेजे गए । लायंसअध्यक्ष लायन सोनू गांधी , कोषाध्यक्ष लायन राकेश जैन ने पुनीत कार्य संपन्न करवाया शा.अस्पताल के सुरेंद्र मंडलोई का सहयोग रहा ।धामनोद क्षेत्र के नेत्रदान के अलावा लायंस क्लब धामनोद ने खरगोन जिले में भी काफी नेत्रदान सम्पन्न करवाये है।लगातार नेत्रदान करवाने के लिए लायंस क्लब अब समाज को प्रेरित कर रहा है तथा नेत्रदान के फायदे लोगों को बता रहे हैं एक हद तक अब जागरूकता आई है जानकारी क्लब सचिव जितेंद्र भट्ट ने दी।
Tags
dhar-nimad
