कलयुगी बेटे ने माँ के अंतिम संस्कार में आने से किया इनकार
माँ को कोढ होने से छोड गया था अकेला
पैरालिगल वालेंटियर ने करवाया था उपचार
अंजड (शकील मंसूरी) - नगर अंजड के बस स्टेशन के पिछे वार्ड क्रं 7 कि रहवासी मुन्नी बाई पति रतन उम्र 50 साल को लगभग एक माह पुर्व कुष्टरोग से ग्रसित होने के चलते घायल अवस्था में अपने घर में पड़ी दर्द से तकलीफ में देख पेरालिगल वालेंटियर ने स्वयं के खर्च से आशाग्राम में कुष्ठरोग का इलाज करवाने पहुंचाया था। उसका एक बेटा भी है जो माँ को यही छोड गुजरात अपने परिवार के साथ चले गया था।
कुछ दिन तक महिला का इलाज चला, लेकिन बुधवार वह बच नहीं सकी। बुधवार आसपड़ोस में रहने वाले लोगों ने इसकी सुचना उसके बेटे को दि जो गुजरात में रहने वाले लडके को कि लेकिन उसने अपनी माँ के मरने कि सुचना मिलने के बाद भी उसने अंजड आने से मना कर दिया। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि अतुल पाटीदार व पैरालिगल वालेंटियर सतीश परिहार को दि उन्होंने नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया सुबह पैरालिगल वालेंटियर सतीश परिहार, पार्षद प्रतिनिधि अतुल पाटीदार , पार्षद कर्तिकेय चौहान, के.पी. सिंग, शेरा ठाकुर सहित महिला के दुर के रिश्तेदार व महोल्ला वासियों अन्य जनों की उपस्थित पंचों के सामने पंचनाम बना कर थाना प्रभारी, तहसीलदार व नगर परिषद सि.एम.ओ. को मय पंचनामें के सुचना कि गई। इस कार्य में नगर परिषद अंजड व सफाई दरोगा अंम्बाराम कौशल व अन्य कर्मचारियों का सहयोग रहा। और उसका अंतिम संस्कार किया। जनसहयोग से हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक उनका दाह संस्कार किया।
पैरालिगल वालेंटियर सतीश परिहार बताया महिला को न सिर्फ अस्पताल पहुंचाया मृतक महिला को ठीक करने की कोशिश तो हुई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका 'एक इंसान के तौर पर यह मेरी जिम्मेदारी थी।
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