जियो कंपनी में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा | Jio company main nokri ke naam pr do yuvako se thagi ke mamle main police

जियो कंपनी में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

जियो कंपनी में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

बालाघाट (देवेन्द्र खरे) - बालाघाट जियो कंपनी में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दमोह जिले के ककराई मोहल्ला नवोदय वार्ड हटा निवासी 21 वर्षीय राजुल पिता स्व. संतोष साहू को गिरफ्तार किया है. जिसके पास से पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी किये गये 7 हजार रूपये और कई फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किया है. मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467,468, 471 भादंवि के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया है.

पुलिस की मानें तो आरोपी को यह आईडिया उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बाद आया और उसने बालाघाट पहुंचकर जियो कंपनी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसमें नियुक्ति के नाम पर धोखाधड़ी करने का प्लान तैयार किया. जिसमें उसने हॉटल में काम करने वाले रिसेप्शनिस्ट और उसके साथी को जियो कंपनी में नियुक्ति के नाम से पहले अपने जाल में फंसा. पुलिस की मानें तो रेलवे स्टेशन मार्ग पर वारिस हॉटल में दमोह जिले के हटा निवासी राजुल साहू आकर ठहरा था. जहां उसने स्वयं को जियो कंपनी का अधिकारी बताया था. यहां उसने हॉटल में काम करने वाले रिसेप्शनिस्ट युवक और उसके साथी को बताया कि जियो कंपनी में डेमेज लाईन सुधार कार्य के लिए युवकों की नियुक्ति की जा रही है. यदि उन्हें नौकरी होना तो अपने बायोडाटा के साथ पांच हजार रूपये देने होंगे. जिसके झांसे में लिंगा निवासी लक्की मेंढेकर ने उसे अपने बायोडाटा सहित 5 हजार रूपये दिये थे और अपने एक और साथी से दो हजार रूपये दिलाया था. जिसमें आरोपी ने लक्की मेंढेकर का नियुक्ति पत्र बस के माध्यम से भिजवाया. जिसमें शंका होने पर दोनो युवकों ने जब बालाघाट के जियो कंपनी के ऑफिस में इसकी पड़ताल की तो उन्हें पता चला कि युवक राजुल ने उनके साथ धोखाधड़ी की है. जिसके बाद युवकों ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में की.

जियो कंपनी में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजयसिंह परस्ते के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल उपनिरीक्षक संदीप चौरसिया, आरक्षक शैलेष गौतम, गजेन्द्र माटे को आरोपी को गिरफ्तारी करने की महती जिम्मेदारी सौंपी.

आरोपी को पकड़ने पुलिस ने आरोपी की तरह ही दो आरक्षकों को बेरोजगार बताते हुए नौकरी के लिए राजुल से संपर्क कराया. जिसके बाद उसके बालाघाट आने पर बेरोजगार बने आरक्षको ने उससे बस स्टैंड पर संपर्क किया और इससे पहले की आरोपी कुछ समझ पाता, कोतवाली पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. जिससे पूछताछ में पुलिस ने उसकी निशानदेही पर धोखाधड़ी करने संग्रहित कर रखे गये जियो कंपनी के फर्जी नियुक्ति पत्र और युवकों से नौकरी के नाम पर धोख से लिये गये 7 हजार रूपये को बरामद किया. खास बात यह है कि फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मास्टमाईंड युवक महज तीसरी क्लास तक पढ़ा है. जिसे पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया.

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